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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर ओडिशा में नदी एवं तालाबों मे फूल-दीप आदि से सजाकर नाव बहाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यही वजह है कि राजधानी भुवनेश्वर में मौजूद दया नदी, कुआखाई, बिंदु सागर के साथ तमाम नदी व नालों में शनिवार को लोगों ने श्रद्धापूर्वक नौका प्रवाहित कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं रविवार को सुबह राजधानी एवं कटक आदि तमाम जगहों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने नदी-नालों व तालाबों में मेगा सफाई अभियान चलाकर उसे साफ किया। नदियों से कचरा बाहर निकाला और इस दौरान कचरा डालने आ रहे लोगों को नदी में कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक भी किया। इस अभियान में सामाजिक संगठन सखा, आल इंडिया किन्नर अखाड़ा संघ, कलिंग संस्कृति व सुरक्षा मंच (कापोक) आदि संस्थाओं के सैकड़ों सदस्यों ने दया नदी को स्वच्छ किया। कापोक के अध्यक्ष संग्राम केशरी पाइकराय, थर्ड जेंडर वेलफेयर ट्रस्ट की चेयरपर्सन मीरा परिडा, क¨लगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में स्पेशल अधिकारी साधना मिश्रा आदि प्रमुख मौजूद रहीं। मीरा परिडा ने बताया कि भवानी पटनायक ने दया नदी को स्वच्छ रखने को उक्त संस्थाओं को साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया, जिसके तहत आज सब लोग मिलकर सफाई अभियान में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे घाटों के पास शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। बहुत जल्द नदी सफाई को लेकर नेशनल ग्रीन टिब्यूनल में एक केस फाइल करेंगी। दया नदी के बाद लोगों ने केदारगौरी एवं ¨लगराज के पास मौजूद पोखर की भी सफाई की।

Posted By: Jagran

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