भुवनेश्वर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति के उपरांत आतंकियों के निशाने पर आए ओडिशा के समुद्रीतट की रक्षा के लिए चेतावनी तो जारी कर दी गई है मगर सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं हैं। कहने को समुद्री तट की रक्षा के लिए पुरी और कोणार्क में दो मेराइन थाने बनाए गए हैं लेकिन यहां तैनात सुरक्षाकर्मी लाठी और टार्च के भरोसे हैं।

पुरी के पेंठकटा और कोणार्क के रामचंडी में 2 मेराइन थानों की स्थापना हुई है मगर कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षा के विशेष इंतजाम नहीं है। पुरी का समुद्री तट अत्यंत संवेदनशील है। यहां हजारों पर्यटक हर दिन आते हैं। पर्यटकों के वेश में आतंकियों के आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके खास नजर समुद्री रास्ते पर रखी जाने की जरूरत है।

आतंकियों के समुद्री रास्ते से घुसपैठ की खुफिया जानकारी को देखते हुए लोगों में आशंका है कि अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्र से लैस आतंकियों का मुकाबला करने के लिए हमारी तैयारी क्या है। शहर के लोगों को पता है कि पुरी के सुभाष चौक के निकट होटल कलिंग अशोक के आसपास असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां समुद्र के किनारे ऐसे स्थान हैं जिस पर कोई नजर नहीं रखता और ये छिपने के लिए काम में लाई जा सकती है। धार्मिक नगरी पुरी पर ऐसे भी आतंकी हमले की संभावना रहती है। अब खुफिया चेतावनी के बाद लोग सहमे हुए हैं। 

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Posted By: Babita kashyap

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