भुवनेश्वर, जेएनएन। ओडिशा में उदला वन विभाग के कर्मचारियों ने विरल किस्म के जंतु पेंगोलिन की खाल का चोरी-छिपे व्यापार करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करने के साथ 7 लाख रुपये के पेंगोलिन की खाल एवं दो बाइक को जब्त किया गया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पेंगोलिन की खाल बिक्री होने के बारे में सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने जाल बिछाया। वन विभाग के कर्मचारी ग्राहक बनकर उदला ब्लॉक बालीछत्रा गांव में पहुंचे। वहां पर गांव के रास्ते में तीन पेंगोलिन खाल व्यापारी इन वन कर्मचारियों के साथ खाल को बेचने के लिए मोलभाव करने लगे। दो खाल को बेचने के लिए मोलभाव कर ही रहे थे कि वहां पर पहले से छिपकर बैठे वन कर्मचारी इन्हें पकड़ लिए और खाल को जब्त कर लिया।

गिरफ्तार व्यापारियों में दुगुधा गांव का निशीकांत जेना, कुटली गांव का सुदाम खंडेई तथा सोनपोखरी गांव का सुकुल टुडू शामिल है। उसी तरह से उदला-बारीपदा रास्ते पर वृंदागड़ी चौक के पास देर रात को पेंगोलिन की एक बड़ी खाल को बेचने के लिए तीन व्यापारी बैठे थे। समान तरीके से इन तीनों व्यापारियों को गिरफ्तार करने के साथ उनके पास से पेंगोलिन की खाल को वन विभाग की टीम ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार इन तीनों व्यापारियों में कुंडाबाई गांव का गुरुचरण बिंधाणी, खड़िकासोल गांव का रवि पात्र तथा बीसीपुर गांव का प्रशांत कुमार मिश्र शामिल है। इनके पास से दो बाइक जब्त की गई है। गिरफ्तार किए गए इन अभियुक्तों को कोर्ट चालान करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

यहां उल्लेखनीय है कि 7 दिसंबर 2018 को देर रात के समय उदला में पेंगोलिन की खाल बेचे जाते समय भुवनेश्वर की क्राइमब्रांच टीम ने चार व्यापारियों को गिरफ्तार किया था। सिमलीपाल अभयारण्य के समीप आदिवासी क्षेत्र कप्तीपदा उपखंड है। ऐसे में अभयारण्य से पेंगोलिन की खाल के चालान में एक बड़ा रैकेट काम करता है।

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Posted By: Babita kashyap

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