भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। चक्रवात गुलाब का प्रभाव राजधानी भुवनेश्वर के साथ दक्षिण ओड़िशा में अभी से दिखाई देने लगा है। चक्रवात गुलाब के प्रभाव से हवा के साथ भीषण बारिश का दौर शुरू हो गया है। खासकर दक्षिण ओड़िशा में भारी बारिश अभी से शुरू हो गई है। गजपति जिले के गुम्मा ब्लाक अन्तर्गत नामनगड़ से अजयगड़ रास्ते पर भुस्खलन (पहाड़ से मिट्टी खिसखने के कारण) होने से आवागमन ठप हो गया है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चक्रवात गुलाब वर्तमान समय में गोपालपुर बंदरगाह से 180 किमी. एवं आन्ध्रप्रदेश के कलिंगपत्तनम से 230 किमी. की दूरी पर केन्द्रीभूत है और यह 17 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। चक्रवात गुलाब से गजपति एवं गंजाम जिला अधिक प्रभावित होने की सूचना मौसम विभाग की तरफ से दी गई है ऐसे में इन दोनों जिलों में निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन दोनों जिलों से अब तक 5 हजार से अधिक लोगों को स्थानांतरित कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। लोगों को स्थानांतरण करने की प्रक्रिया जारी है।

मिली जानकारी के मुताबिक चक्रवात गुलाब ओड़िशा के गोपालपुर एवं आन्ध्र प्रदेश के कलिंगपत्तनम के बीच ओड़िशा सीमा में लैंडफाल कर सकता है। रात 9 से 10 बजे के बीच लैंडफाल करने की सम्भावना है। लैंडफाल की प्रक्रिया तीन से चार घंटे तक चलेगी। लैंडफाल के समय हवा की गति 75 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की सम्भावना है। ऐसे में गोपालपुर बंदरगाह में 7 नंबर, पुरी बंदरगाह में 6 नंबर तथा पारादीप एवं अन्य बंदरगाहों में 3 नंबर खतरे का निशान लगाया गया है।

चक्रवात गुलाब की भयावहता को देखते हुए 7 जिलों के लिए रेड वार्निंग, 4 जिले के लिए आरेंज वार्निग एवं 10 जिले के लिए येलो वार्निंग जारी की गई है। जिन 7 जिलों में रेड एलर्ट जारी किया उसमें गंजाम, गजपति, कंधमाल, रायगड़ा, नवरंगपुर, कोरापुट, मालकानगिरी जिला शामिल है। उसी तरह से जिन चार जिलों के लिए आरेंज वार्निंग जारी किया गया है, उसमें पुरी, खुर्दा, नयागड़, कालाहांडी जिला शामिल है। इसके अलावा जिन 19 जिलों के लिए येलो वार्निंग जारी की गई है उसमें बालेश्वर, भद्रक, केन्द्रापड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक, बौद्ध, सुवर्णपुर, बलांगीर एवं नुआपड़ा जिला शामिल है। इसमें गजपति जिला सबसे ज्यादा प्रभावित होने की जानकारी विशेष राहत आयुक्त की तरफ से दी गई है और गजपति जिले में इसका प्रभाव भी अभी से देखा जा रहा है। 

Edited By: Priti Jha