बालेश्वर, जागरण संवाददाता। राज्य में आए दिन कभी पुलिस के द्वारा तो कभी असामाजिक तत्वों के द्वारा पत्रकारों पर हमला मानो दिन-ब-दिन ओडिशा में बढ़ता चला जा रहा है। इसे लेकर चिंतित ओडिशा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट बालेश्वर शाखा के अध्यक्ष गंगाधर राउत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि दल आज बालेश्वर के जिलाधीश के जरिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है।

इस ज्ञापन में मांग की गई है कि पत्रकारों के लिए अलग से कानून सुरक्षा संबंधित बने तथा बोर्ड का गठन हो और दोषियों के विरुद्ध तुरंत कठोर कार्य ग्रहण किया जाना चाहिए। पत्रकारों पर आक्रमण करने वालों को जुर्माना के साथ जेल दंड का प्रावधान होना चाहिए। पत्रकारों के लिए युद्ध स्तर पर चिकित्सा का व्यवस्था होना चाहिए इसके अलावा पत्रकार का सामान नष्ट किए जाने पर उसे तत्काल नए सामान प्रदान किया जाए। इस तरह की पांच मांगों को लिखित तौर पर बालेश्वर के ओ यू जे शाखा ने बालेश्वर के अतिरिक्त जिलाधीश नीलू महापात्र को मुख्यमंत्री के उद्देश्य से ज्ञापन सौंपा है।

जागरण से बातें करते हुए ओ यू जे के बालेश्वर जिला अध्यक्ष गंगाधर राउत ने बताया कि जंगल में कितने बाघ हैं, कितने भालू हैं सरकार गिनने में सक्षम है। पानी में कितने मगरमच्छ रहते हैं सरकार गिनने में सक्षम है लेकिन इस भूमि पर कितने पत्रकार रहते हैं इसे गिनने में सरकार को 70 साल लग गए। आज सरकार पत्रकारों की गिनती कर उन्हें बीमा प्रदान किया हुआ है इसके लिए हम राज्य सरकार को धन्यवाद देते हैं लेकिन आज पूरे राज्य में पत्रकार अपने आप को असुरक्षित समझने लगे हैं क्योंकि कभी पूरी में तो कभी केंद्रपाड़ा में तो कभी बालेश्वर में इसी तरह एक के बाद एक पत्रकारों पर जानलेवा हमला तथा धमकियां मिलती हैं। जिसके चलते पत्रकार आज खुलकर काम करने से हिचकिचाने लगे है तथा घबराने लगे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि जो पत्रकारों द्वारा दिया गया पांच सूत्री मांगों पर विचार कर उस पर तत्काल कारवाई करें ।

आज मेमोरेंडम दिए जाने के मौके पर मानस बिस्वाल आशुतोष मल्लिक हैदर खान विवेकानंद दास सत्यव्रत प्रधान अजीत महंती समेत भारी संख्या में इस मौके पर पत्रकार मौजूद थे। यहां उल्लेखनीय है कि आज पूरे राज्य मैं कहीं ना कहीं से पत्रकारों को धमकाने या आक्रमण की घटना मानो राज्य मैं आम सी बात हो गई है।

Edited By: Babita Kashyap