भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। राज्य में कोरोना संक्रमण के लिए विभिन्न कोविड केयर सेंटर, अस्पताल एवं आरआरटी में नियोजित होने वाले आयुष डाक्टरों को 8 महीने बाद तुरन्त कोविड ड्यूटी से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने निर्देश दिया है। राज्य में कोरोना संक्रमण कम होने से आयुष डाक्टरों को अपनी-अपनी डिस्पेंसरी में भाग लेने के लिए कहा गया है। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव ने सभी नगर निगम के कमिश्नर तथा सीडीएमओ को पत्र लिखा है।

  राज्य में एक महीने से अधिक समय हो गया है अब कोरोना संक्रमण की दर काफी कम हो गई है। यहां तक कि कुछ जिलों में दैनिक संक्रमण संख्या 5 से भी कम हो गई है। ऐसे में कोविड ड्यूटी में नियोजित होने वाले आयुष डाक्टरों को स्थानीय सीडीएमओ ड्यूटी में नियोजित करने के लिए विवाद उत्पन्न हुआ था। एक के बाद एक आयुष डिस्पेंसरी खाली पड़ी और उन्हें कोविड ड्यूटी से छुटकारा नहीं ना दिए जाने से लोगों में असंतोष था। आयुष डिस्पेंसरी में करोड़ों रुपये की दवा है मगर इसे मरीजों को देने के लिए डिस्पेंसरी में डाक्टर नहीं है। ऐसे में राज्य आयुष निदेशक ने स्वास्थ्य विभाग को इस संदर्भ में पत्र लिखा था। अब स्वास्थ्य विभाग ने कोविड ड्यूटी में नियोजित होने वाले आयुष डाक्टरों को दायित्व मुक्त करने के लिए निर्देश जारी किया है।

  बता दें  की बीते कुछ दिनों से राज्‍य में कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है। पिछले कुछ दिनों से 500 के नीचे कोरोना मरीजों की पहचान हो रही है और मृतकों की संख्या भी 10 के नीचे पहुंच गई है। राज्य में बुधवार को छह कोरोना संक्रमितों की मौत दर्ज की गई जबकि 480 नए संक्रमित सामने आए। प्रदेश में अब कोरोना से मरने वाले मरीजों की कुल संख्या 1745 हो चुकी है जबकि कुल संक्रमितों की संख्या 3 लाख 19 हजार 583 तक पहुंच  चुकी है। 

 

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