भुवनेश्वर, जेएनएन। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कालिया सूत्रों से पता चला है कि डाटा एंट्री का काम कर रहे बासुदेव साहू इस हेर-फेर के जिम्मेदार है। गंजाम जिलाधीश ने धवलेश्वर सेवा समवाय समिति के सचिव कैलाश चंद मलिक को निलंबित किया है तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर वासुदेव साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पता चला है कि डाटा एंट्री अपरेटर ने कालिया योजना का धन किसानों के खाते में डालने के स्थान पर अपने बैंक एकाउंट में जमा कर रहा था। जाहाडा पंचायत में 94 किसानों के खाते में हेर-फेर करते हुए तकरीबन 10 लाख रुपये का गबन किया गया है। सहकारिता समिति के सचिव ने सफाई देते हुए कहा कि डाटा एंट्री अपरेटर ने अपने और अपने संबंधियों के खाते में पैसे डाले थे।

घटना के बाद संपृक्त डाटा एंट्री अापरेटर फरार हो गया है। उसे अस्थाई तौर पर नियुक्त किया गया । इस घटना के बाद राज्य सरकार के कालिया योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोपों की पुष्टि हो गई है। यहां उल्लेखनीय है कि कालिया योजना में हेरफेर का आरोप भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस की तरफ से शुरू से ही लगाए जा रहे थे। ऐसे में यह मामला सामने आने के बाद ये दोनों ही विरोधी पार्टियां के तेवर सरकार पर और कड़े होने की उम्मीद है।

 कालिया योजना के तहत 13 लाख 3 हजार लाभुक किसानों में से मात्र 2 प्रतिशत के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है, जिसके कारणों की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त सभी लाभुकों के खातों पैसा जमा किया गया है। कालिया योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए जिलास्तर पर जिलाधीशों को बैंकों के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। 

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Posted By: Babita kashyap

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