जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : भारत के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलनकारी व चुआड़ विद्रोह के नायक शहीद रघुनाथ महतो का 238वां शहादत दिवस मंगलवार को समारोहपूर्वक निर्मल गेस्ट हाउस में मनाया गया। झारखंड मूलवासी अधिकार मंच द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जमशेदपुर के सासद विद्युत वरण महतो ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो को भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में शामिल कराने के लिए वे सदन में मुद्दा उठाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को इससे संबंधित ज्ञापन भी देंगे।

सीआर माझी ने कहा कि 1857 में मंगल पांडे के सिपाही विद्रोह के पहले झारखंड क्षेत्र में चुआड़ विद्रोह, कोल विद्रोह, संताल विद्रोह, मुंडा विद्रोह, भूमिज विद्रोह हुआ, लेकिन इन्हें इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरमोहन महतो ने कहा कि सबसे पहले कुड़मी आदिवासियों ने शहीद रघुनाथ महतो के नेतृत्व में तत्कालीन जंगल महल क्षेत्र में जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह किया था।

समारोह में पूर्व सासद कृष्णा मार्डी, जिला परिषद अध्यक्ष बुलुरानी सिंह सरदार, सदस्य (बोड़ाम) सपन महतो, आस्तिक महतो, प्रो. गुरुपदो महतो, जयराम महतो, निरंजन महतो, विकास महतो, बबलू महतो, सुजीत महतो, तपन महतो, शैलेंद्र महतो, प्रणव महतो, कुमार दिलीप, संतोष महतो, लालटू महतो, सचिन महतो, रामचन्द्र महतो आदि उपस्थित थे।