भुवनेश्‍वर, एएनआइ। कैदियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए नयागढ़ उप-जेल अधीक्षक उमेश चंद्र बलबंतराय ने अनोखी पहल की है। इसके लिए नयागढ़ सब-जेल के एक हिस्से को सब्जी उद्यान में बदल दिया गया है। वे कहते हैं, "एक बार जब किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया जाता है तो वह मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित होता है। यदि वे जेल के बगीचे में कार्य करने में व्‍यस्‍त हो जाता है तो उसे प्रोत्‍साहन मिलेगा।"

नयागढ़ उप-जेल अधीक्षक बलबंतराय का कहना है कि प्रोत्साहनस्‍वरूप मिलने वाली धनराशि को स्थानीय डाकघर में उनके बचत खाते में जमा किया जाएगा। इस राशि के माध्‍यम से उनके परिवार के सदस्य लाभान्वित होंगे और जब इन दोषियों को रिहा किया जाएगा तो वे एक ऐसे मंच पर होंगे जहां वे काम करने या कमाने में सक्षम होंगे।

 

 यहां हाइ क्‍वालिटी सैनिटाइजर तैयार कर रहे हैं कैदी 

कैदियों की जिंदगी संवारने के लिए और उन्‍हें आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए देश की कई जेलों में इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना संकट के इस समय में कहीं कैदी कोरोना से बचाव के लिए मास्‍क तैयार कर रहे हैं तो कहीं सैनिटाइजर बनाने में जुटे हुए हैं। जी हां, सांगानेर की जेल में कैदी बड़े पैमाने पर सैनिटाइजर तैयार कर रहे हैं। जेल प्रशासन ने राज्य सरकार से कैदियों द्वारा बनाए जा रहे सैनिटाइजर को सरकारी कार्यालय में उपयोग लेने की मांग की है। कैदी द़वारा हाई क्वालिटी का सैनिटाइजर तैयार किया जा रहा है। जिससे उनके कौशल विकास में बढ़ोतरी हो रही है, साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल रहा है। कैदियों द़वारा तैयार किए गए सैनिटाइजर को सेंट्रल जेल के बाहर भी बेचा जा रहा है। 

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Posted By: Babita kashyap

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