भुवनेश्वर, जेएनएन। अपराधियों द्वारा किसी व्यक्ति का अपहरण कर बदले में उससे फिरौती में मोटी रकम मांगने की घटना हम सुनते रहते हैं, मगर खुद ही अपने साथियों से अपना अपहरण कराकर अपने ही पिता को अपने साथियों से धमकी दिलाने, थप्पड़ मार कर फिरौती लेने और फिरौती लेने के आरोप में जेल जाने की घटना फिल्मों में तो देखी जा सकती है, हकीकत में कम ही देखने व सुनने को मिलती है। ओडिशा के अनुगुल जिले में ऐसी ही एक घटना सामने आयी है। 

जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के तेलीपड़ा लेन धकुरिया कोलकाता निवासी पंचानन घोष अनुगुल में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। पिछले 6 अक्टूबर को उनके फोन पर किसी पप्पू नामक व्यक्ति ने फोन कर कहा कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। फिरौती में उसने 40 हजार रुपये की मांग की। पंचानन ने इसकी शिकायत अनुगुल थाना पुलिस से कर दी। शाम को फिर से फोन आया अब शक्ति नामक व्यक्ति ने फोन किया और तुरंत 25 हजार रुपये लेकर स्थानीय पीटीसी चौक पर आने को कहा।

बेटे के अपहरण से पिता पंचानन घबराकर पैसे लेकर उक्त जगह पर पहुंचे तो तथाकथित लुटेरों ने उन्हें थप्पड मार कर पैसे छीन लिए और फरार हो गए। लुटेरों के वेश में आए युवक कुछ जाने पहचाने लगने पर पंचानन ने पुलिस को बेटे के दोस्तों पर शक जताते हुए शिकायत की। इसके बाद शिकायत के आधार पर पुलिस ने गौरव के दोस्तों से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आयी और पुलिस ने गौरव सहित उसके चार साथियों को हिरासत में ले लिया। पिता पंचानन घोष अनुगुल जिले के अनुगुल थाना अन्तर्गत सिमिलिपड़ा में किराए पर घर लेकर रहते हैं और एक कंपनी में नौकरी करते हैं। 

गिरफ्तार आरोपियों में पंचानन घोष के बेटे गौरव घोष तथा उसके स्थानीय तीन साथी साथी विनोद बेहेरा, शक्ति प्रसाद महांती, पपुन कुमार साहू का नाम शामिल है। पुलिस ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान कर दिया है। 

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Posted By: Babita kashyap

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