बालेश्वर, जेएनएन। विगत कई सालों से चला आ रहा ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के बीच सीमा विवाद अब धीरे धीरे बड़ी गंभीर समस्या का रूप धारण करने लगा है। इसके चलते आए दिन दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव की स्थिति कायम हो जाती है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह 10 बजे बालेश्वर जिला के अंतर्गत भोगराई ब्लाक के उदयपुर नामक स्थान पर एक बार फिर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के सीमा विवाद के चलते उत्तेजना का माहौल पैदा हो गया। इसके पीछे 14 जुलाई को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से ओडिशा की सीमा से 20 फीट अंदर उदयपुर में एक फलक लगाया जाना बताया जा रहा है।

इस पर पर्यटन विभाग पश्चिम बंगाल का नाम लिखा हुआ था। यह बात ओडिशा के स्थानीय लोगों को हजम नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार पर्यटन के नाम पर धीरे धीरे ओडिशा की सीमा में घुसने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले की शिकायत स्थानीय प्रशासन से की थी। इसके बाद 15 जुलाई को बालेश्वर के जिलाधीश रमेश चंद्र राउत ने उक्त स्थान का दौरा किया तथा मेदिनीपुर जिलाधीश पी मोहन गांधी से बात करके उक्त फलक वहां से हटवाने का अनुरोध किया।

इस घटना के एक महीना गुजर जाने के बावजूद पश्चिम बंगाल की तरफ से जब वह फलक नहीं हटाया गया तो मंगलवार सुबह 10 बजे बालेश्वर के उप जिलाधीश नीलू महापात्र के नेतृत्व में जालेश्वर के तहसीलदार, भोगराई के तहसीलदार, जालेश्वर के एसडीपीओ के साथ पांच प्लाटून पुलिस बल उक्त घटना स्थल पर पहुंचा और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पर्यटन के नाम पर लगाए गए फलक पत्र को हटा दिया गया। फलक के हटते ही ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के कुछ स्थानीय लोगों में उत्तेजना का माहौल पैदा हो गया था। लेकिन घटना स्थल पर मौजूद अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाबुझाकर शांत किया।