भुवनेश्वर, जेएनएन। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को सच साबित करते हुए बुधवार सुबह से ही राजधानी भुवनेश्वर के साथ राज्य के विभिन्न इलाके में रिमझिम बारिश शुरू हो जाने से मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश के चलते राजधानी के साथ प्रदेश के कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसी के साथ लगभग खत्म हो चुकी ठंड ने भी एक बार फिर दस्तक दे दी है।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 9 फरवरी तक मौसम का मिजाज बदलने की संभावना कम ही है। तटीय ओडिशा एवं उत्तरी ओडिशा में कई जगह पर बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। कई जगह पर कुहासा छाए रहने की संभावना को देखते हुए देर रात एवं सुबह के समय गाडी चालकों से सावधानी पूर्वक गाडी चलाने का आग्रह किया गया है।

 किसानों से आग्रह 

बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी फसल को खुले में ना छोड़े। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय की ओर से बलांगीर, बौद्ध, कंधमाल, अनुगुल, सोनपुर, नयागड, कटक, देवगड़, केन्दुझर, पुरी, खुर्दा जिलों के लिए येलो वार्निंग दी गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान झारसुगुडा, संबलपुर, हीराकुद आदि जगहों पर बारिश होने का समाचार मिला है। 

किसानों के लिये मुसीबत

उधर मंडियों में धान बेचने आए किसानों के लिए यह बारिश मुसीबत बनकर आई है। बारिश से अनाज की सुरक्षा के पर्याप्त साधन न होने के चलते किसानों का धान भीग रहा है। ऐसे में बिन मौसम हुई बरसात ने किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी है। बौद्ध जिला कंटामाल ब्लाक के खटखटिया धान मंडी में धान बेचने के लिए आए किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि धान को ढंकने के लिए यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है।

भीग रहा है धान

मंडी में धान भीग रहा है, सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। वे पिछले एक सप्ताह से मंडी में धान लेकर आए हैं मगर धान खरीददारी नहीं हो पा रही है। कालाहांडी जिले में भी समान स्थिति देखने को मिली है। रिमझिम बारिश में किसानों के सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया है। एक किसान ने कहा है कि मंडी में धान पड़ा है, उन्हें टोकन भी मिला है, मगर गाड़ी आकर उनका धान मंडी से नहीं ले रही है।

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Posted By: Babita kashyap

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