संवाद सूत्र, बालेश्वर : जिले के सदर ब्लाक अंतर्गत बइंचा पंचायत के रघुनाथपुर गांव में अज्ञात रोग से हो रही मौत को लेकर लोगों में भय व्याप्त। इस रोग से एक साल में गांव के पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी पांच युवक ¨जदगी एवं मौत से जूझ रहे हैं। दो युवकों के परिवार वाले गांव छोड़कर अपने रिश्तेदार के यहां चले गए हैं। इस संबंध में ब्लाक और जिला प्रशासन के पास कोई खबर नहीं है। एक साल के अंदर हुए मरने वाले युवकों में 22 वर्षीय दीपक, 24 वर्षीय नित्यानंद, 23 वर्षीय शिव,30 वर्षीय धनंजय, 35 वर्षीय दामोदर जेना असमय काल के गाल में समा गए। वहीं दूसरी ओर इस रोग के चलते ¨जदगी और मौत से जूझ रहे युवकों में 25 वर्षीय बापू, 26 वर्षीय प्रदीप,27 वर्षीय रमेश, 28 वर्षीय मालीराम तथा 30 वर्षीय पूर्ण चंद्र नामक युवक शामिल है।

ये सभी लोग तीन साल पहले दामोदर जेना नामक एक व्यक्ति के साथ बेंगलुरू के मिनार्क नामक स्थान पर एक कैमिकल फैक्ट्री में काम करने गए थे। कुछ दिन बाद इन्हें श्वास लेने में तकलीफ व सीने में दर्द की शिकायत होने पर ये लोग अपने घर लौट आए। फिर एक के बाद एक पांच लोग मौत की मुंह चले गए। इसके बाद उक्त गांव से बेंगलुरू काम करने गए कई लोग अपने घरों को लौट आए हैं। इनमें से कुछ का भुवनेश्वर एम्स में इलाज चल रहा है तो कुछ अपने घर से ही इलाज कराने को मजबूर हैं। आíथक तंगी के कारण ये किसी अच्छे चिकित्सालय या डॉक्टर के संपर्क में नहीं आ पा रहे हैं। सोमवार सुबह 10 बजे बालेश्वर के सांसद रवींद्र कुमार जेना और विधायक जीवन प्रदीप दास ने उक्त गांव का दौरा कर मृतक एवं इलाज करा रहे लोगों के परिवार वालों से मुलाकात की। सांसद ने इस अवसर पर जागरण से बात करते हुए कहा कि उक्त गांव का दौरा करने के बाद पता चला है कि 22 लोग किसी बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें से पांच लोगों को तत्काल बालेश्वर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सांसद ने कहा कि मैंने बेंगलुरू के सांसद से बात कर वहां के पुलिस कमिश्नर से बात कर उक्त उद्योग के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए अनुरोध किया है। उद्योग में फंसे अन्य युवकों को वहां से तत्काल निकालने के लिए कहा गया है।

Posted By: Jagran