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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टूटेंगे कांग्रेसी विधायक, दिल्ली में बनेगी भाजपा की सरकार!

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Published: Thu, 05 Jun 2014 08:09 AM (IST)Updated: Thu, 05 Jun 2014 10:15 AM (IST)

दिल्ली के आठ में से छह कांग्रेसी विधायक पार्टी से निकलकर नया गुट बना सकते हैं। इनमें आपसी सहमति बन ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, [अजय पांडेय]। दिल्ली के आठ में से छह कांग्रेसी विधायक पार्टी से निकलकर नया गुट बना सकते हैं। इनमें आपसी सहमति बन चुकी है और नए दल की घोषणा कभी भी हो सकती है। कांग्रेस विधायक दल में यह टूट सूबे में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करेगी। विधायकों के बदले तेवरों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व से लेकर कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुकी है।

सूत्रों की मानें तो सूबे में कांग्रेस की बेहद खराब हालत को देखते हुए ये विधायक किसी भी कीमत पर चुनाव मैदान में उतरने से बचना चाहते हैं। उन्हें इस बात का खतरा है कि चुनाव होने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है। बीते रविवार को प्रदेश कांग्रेस की एक बैठक में नए बनने वाले गुट के छह में से चार विधायक पहुंचे, दो ने आने से इन्कार कर दिया। बैठक में आप को किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं देने के प्रस्ताव का समर्थन करने की बात आई तो वहां मौजूद चार विधायकों ने इस प्रस्ताव पर हामी भरने तक से इन्कार कर दिया।

भाजपा की अगुवाई में बन सकती है सरकार

कांग्रेस से अलग होने वाले छह विधायकों के गुट में से तीन मुस्लिम और तीन अन्य संप्रदाय के हैं। मुस्लिम विधायक भाजपा के साथ जाने से हिचकिचा रहे हैं, जबकि बाकी विधायक भाजपा के साथ जाने को तैयार हैं। इन विधायकों ने भाजपा व आप दोनों दलों के नेताओं से संपर्क साध रखा है। यदि भाजपा से बात बन गई तो छह विधायकों का अलग हुआ गुट एक बार फिर से टूटेगा और भाजपा के साथ शामिल होकर सरकार बनाएगा। इसकी संभावना ज्यादा है। शिअद को मिलाकर भाजपा के पास 29 विधायक हैं। दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन उसे हासिल है। 67 सदस्यीय सदन में बहुत साबित के लिए कुल 34 विधायकों की जरूरत है। तीन विधायकों के आ जाने से यह जरूरत आसानी से पूरी हो जाएगी।

आप भी सरकार बनाने की दौड़ में

कांग्रेस से अलग होने को तैयार विधायकों का गुट आप के साथ मिलकर भी सरकार बना सकता है। यदि आप को छह विधायक का साथ मिल जाता है तो बहुमत की 34 की संख्या हासिल हो जाएगी। इस बार मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल नहीं, मनीष सिसोदिया को बनाया जाएगा।

कांग्रेस भी मौके की ताक में

कांग्रेसी भी ताक में हैं कि आप के समर्थन से उनकी अगुवाई में सरकार बन जाए। पार्टी आप से कह सकती है कि जिस प्रकार भाजपा को रोकने के लिए उसने आप को समर्थन दिया, उसी प्रकार आप भी कांग्रेस को समर्थन दे।

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