वाशिंगटन, प्रेट्र। खालिस्तान का समर्थन करने की याचिका पर व्हाइट हाउस ने कोई टिप्पणी करने से ही इन्कार कर दिया है। साथ ही राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस बयान का उल्लेख किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत तभी सफलता की राह पर आगे बढ़ सकता है जब वह धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर सोचेगा और कार्य करेगा।

ओबामा ने यह बात अपने 2015 के भारत दौरे में कही थी। व्हाइट हाउस को प्राप्त हुई खालिस्तान से संबंधी पिटीशन पर एक लाख लोगों ने दस्तखत किए थे। इस पिटीशन में भारत के भीतर खालिस्तान नाम से अलग राष्ट्र के लिए अमेरिका के समर्थन की मांग की गई थी। यह पिटीशन दस जुलाई को दाखिल हुई थी जिस पर 60 दिनों में एक लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन हस्ताक्षर किए। किसी मुद्दे का एक लाख लोगों द्वारा समर्थन करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति का व्हाइट हाउस कार्यालय उसका संज्ञान लेता है।

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Posted By: Manish Negi

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