लंदन। विटामिन डी के नियमित सेवन से फाइब्रोमायल्जिया के मरीजों को शरीर के पुराने दर्द से राहत मिल सकती है। इस बीमारी में शरीर की विभिन्न मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द रहता है। दर्द के अलावा मरीज थकावट, अनिद्रा, तनाव व अवसाद का शिकार भी हो जाता है।

वियना में ऑर्थोपेडिक अस्पताल में डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक पेन मैनेजमेंट के प्रमुख फ्लोरियान वेपनर ने कहा, 'फाइब्रोमायल्जिया के मरीजों के लिए विटामिन डी सबसे सुरक्षित और किफायती इलाज है।' हालांकि विटामिन डी से यह बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं होती, लेकिन शरीर में विटामिन डी के स्तर में कमी से मरीजों की मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द का स्तर बढ़ जाता है।

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शोध के दौरान तीस लोगों को विटामिन डी की दवाइयां दी गईं और कुछ को प्लोसबो नाम का अन्य चिकित्सकीय उपचार दिया गया। बीस सप्ताह के बाद विटामिन डी की गोलियां लेने वालों ने अपनी मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के स्तर में कमी का अनुभव किया। लेकिन प्लेसबो लेने वाले लोगों के साथ ऐसा नहीं हुआ। जर्नल पेन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, विटामिन डी की गोलियां लेने वाले मरीजों में हालांकि तनाव और अवसाद में कमी नहीं दिखाई दी।

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