वॉशिंगटन। भारत के साथ रक्षा कारोबार को अमेरिका के करीबी सहयोगियों और नाटो सदस्यों के बराबर लाने के लिए अमेरिकी सीनेट में एक विधायी संशोधन पेश किया गया है। सीनेटर मार्क किर्क ने सीनेट में नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन ऐक्ट (एनडीएए) 2017 में ‘भारत के साथ रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग’ शीर्षक से संशोधन पेश किया था। सीनेट के अगले सप्ताह एनडीएए-2017 पर मतदान करने की संभावना है।

ये भी पढ़ेंः आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे भारत और चीन

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के खबर के मुताबिक , अमेरिका के चार के टॉप सीनेटर ने इस संशोधन को पेश किया। उनके मुताबिक पीएम मोदी के आगामी अमेरिका दौरे पर रक्षा समझौतों को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ये भी पढ़ेंः अमेरिका की पाक को दो टूक, कहा- हथियारों से संबंधित नहीं भारत की NSG सदस्यता

संशोधन में कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और वाणिज्य मंत्री के साथ ताल-मेल करके इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि भारत को रक्षा वस्तुओं, रक्षा सेवाओं या तकनीकी डाटा की किसी प्रस्तावित बिक्री या निर्यात की अनुमति देने में वैसा ही सलूक किया जाए जैसे अमेरिका के सबसे करीबी भागीदारों और सहयोगियों के साथ किया जाता है, जिसमें नाटो के सदस्य, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, इस्राइल और न्यूजीलैंड शामिल हैं।’

संशोधन के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति रक्षा कारोबार को सुगम बनाने और पारस्परिक सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए भारत और अमेरिका के भीतर कानून, नियमनों और व्यवस्था को अधिक दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे।

ये भी पढ़ेंः विदेश की सभी खबरों को जानने के लिए यहां क्लिक करें

Edited By: anand raj