बेरुत, रायटर/एएफपी : सीरिया में छिड़े गृहयुद्ध के बीच अमेरिका ने पहली बार एक सीरियाई लड़ाकू विमान को मार गिराया। इससे दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। वाशिंगटन का दावा है कि सीरियाई विमान अमेरिका समर्थित बलों के समीप बम गिराए, जबकि सीरिया का कहना है कि उसका विमान आइएस के खिलाफ मिशन पर था। इस बीच ईरान ने पूर्वी सीरिया में पहली बार आतंकी सगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के ठिकानों पर मिसाइल दागे और चेतावनी दी कि अगर ईरान में फिर कोई हमला हुआ तो आतंकियों पर और बड़ी कार्रवाई होगी।

सीरियाई सेना ने सरकारी टेलीविजन पर बयान में बताया कि 2011 से शुरू हुए संघर्ष के बाद अमेरिका ने पहली बार उसके विमान को मार गिराया। विमान का मलबा रविवार दोपहर रक्का के रासफाह गांव के समीप पाया गया। यह हमला आतंकवाद से सेना की लड़ाई को कमजोर करने के लिए किया गया। यह घटना ऐसे समय हुई जब सीरियाई सेना और उसके सहयोगी आइएस के खिलाफ बढ़त की ओर हैं। इसके बाद अमेरिकी मध्य कमान ने बयान जारी करके कहा कि गठबंधन के बलों ने सामूहिक रूप से आत्मरक्षा में कार्रवाई की। सीरियाई सेना के एसयू-22 लड़ाकू विमान ने जब गठबंधन बलों के शिविर के पास बम गिराए तो अमेरिका के एफ/ए-18ई सुपर हार्नेट ने उसे तुरंत मार गिराया। इसके बाद सीरिया के समर्थक रूस को इसकी सूचना दी गई। इस घटना से सीरिया में छह साल से जारी गृहयुद्ध और आइएस को उसके गढ़ रक्का से खदेड़ने के लिए अमेरिकी गठबंधन का अभियान जटिल हो सकता है।

सीरिया के सहयोगी ईरान ने भी रविवार को पहली बार आइएस के ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया। उसने यह हमला इस महीने के शुरू में तेहरान में हुए आतंकी हमले के बाद किया। इसकी जिम्मेदारी आइएस ने ली थी। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल रमजान शरीफ के हवाले से कहा कि अगर आइएस ने हमारी सुरक्षा को फिर कोई चुनौती दी तो उन पर ज्यादा क्षमता के साथ हमला किया जाएगा।

Posted By: Sachin Bajpai

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