कीव। यूक्रेन की संसद ने राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को उनके पद से हटाने के साथ ही 25 मई को आम चुनाव कराने की घोषणा की है। विपक्ष की नेता यूलिया तेमोशेंको को भी रिहा कर दिया गया है। राजधानी कीव में शनिवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा राष्ट्रपति कार्यालय पर कब्जे के बाद संसद ने यह फैसला लिया। राष्ट्रपति ने शनिवार को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि विपक्ष ने साजिश के तहत नाजियों की तरह उनकी सरकार का तख्तापलट किया है और वह देश छोड़कर नहीं भागेंगे न ही इसे बंटने देंगे। राष्ट्रपति कहां हैं, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। रिपोर्टो में उनके पूर्वी यूक्रेन में चले जाने की बात कही गई है।

राष्ट्रपति विक्टर ने संसद के फैसले को अवैध करार देते हुए इसे मानने से इन्कार कर दिया। यूक्रेन के टीवी चैनल यूबीआर को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति थके हुए दिखाई दिए। हालांकि, यूबीआर ने यह नहीं बताया कि इंटरव्यू कहां लिया गया। विक्टर ने आरोप लगाया कि मेरी कार पर गोलियां चलाई गई हैं। मगर वह डरे हुए नहीं हैं। विक्टर ने कहा कि देश में जो कुछ हुआ वह नाजियों की वापसी जैसा है। जर्मनी और ऑस्ट्रिया में 1930 में नाजियों ने ठीक इसी तरह सत्ता को हासिल किया था। उन्होंने कहा कि वह दक्षिण-पूर्व के हिस्सों में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे। प्रदर्शन करने वाले लोग गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मैं अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और मध्यस्थों को इन्हें रोकने के लिए बुलाऊंगा।

यूक्रेन में थमी हिंसा लेकिन नाराजगी जारी

इससे पहले खुद को प्रदर्शनकारियों का नेता बताने वाले ऑस्तैप क्रिवड्यिक ने जानकारी दी थी कि कुछ प्रदर्शनकारी कार्यालय में घुस गए हैं, लेकिन उन्होंने लूटपाट नहीं की। उन्होंने कहा कि विक्टर वापस नहीं लौटेंगे। हम अगले राष्ट्रपति के आने तक इमारत की सुरक्षा करेंगे। वहीं, यूक्रेन में हुए महत्वपूर्ण शांति समझौते से देश में कई दिनों से जारी हिंसा थम गई है। कई दिनों से राजधानी कीव में युद्ध क्षेत्र जैसा नजारा था। इस हिंसा में करीब 100 लोगों की जान गई। लिहाजा लोगों की नाराजगी जारी है।

समझौते के तहत यूरोप के समर्थन वाले विपक्ष की बहुत सी मांगें मान ली गई थीं। रूस के समर्थन वाले यूक्रेन के राष्ट्रपति राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाने पर भी सहमत हो गए थे। संसद ने कानूनी कोड में बदलाव के पक्ष में मतदान कर जेल में बंद विक्टर की प्रतिद्वंद्वी व विपक्षी नेता यूलिया तेमोशेंको की रिहाई का मार्ग प्रशस्त कर दिया। पूर्व पीएम यूलिया पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप था। वह चोट लगने के कारण अस्पताल में थीं, जहां से उन्हें शनिवार को रिहा कर दिया गया। राष्ट्रपति विक्टर के वफादार संसद स्पीकर ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह पर तेमोशेंको के निकट सहयोगी ओलेक्जैंडर तुर्चिनोव को स्पीकर चुना गया है।

प्रदर्शनकारियों ने कीव पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है। पिछले वर्ष नवंबर में प्रारंभ विरोध प्रदर्शन के साथ ही यूक्रेन का संकट शुरू हुआ था। यानुकोविच द्वारा यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ व्यापक आर्थिक समझौते से पीछे हटने के बाद यह प्रदर्शन प्रारंभ हुआ था। इस समझौते के बजाय उन्होंने रूस से नजदीकी संबंध रखना पसंद किया था।

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