कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे जनवरी में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा पर सोमवार को भारत पहुंच रहे हैं। इस मौके पर सद्भावना के तौर पर 16 भारतीय मछुआरों को रिहा करने का फैसला किया गया है। तीन दिवसीय भारत प्रवास के दौरान विक्रमसिंघे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेंगे।

इस दौरान संवेदनशील मछुआरों के मसले पर भी चर्चा होने की संभावना है। विक्रमसिंघे ने हाल में संपन्न संसदीय चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति और चीन परस्त महिदा राजपक्षे को हराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च में श्रीलंका का दौरा किया था। भारत के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा 25 वर्षों के बाद कोलंबो की यात्रा की गई थी।

विक्रमसिंघे के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक रिहा किए जाने वाले सभी मछुआरे तमिलनाडु के रहने वाले हैं। इससे पहले तमिलनाडु के मछुआरों के संगठन ने श्रीलंकाई सरकार से स्वास्थ्य के आधार पर इन्हें छोड़ने की अपील की थी। श्रीलंका के जल क्षेत्र में प्रवेश करने पर नौसेना ने इन्हें गिरफ्तार किया था। भारत और श्रीलंका एक-दूसरे पर जल सीमा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहते हैं। मोदी की यात्रा के वक्त भी 86 भारतीय मछुआरों को रिहा किया गया था।

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