कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरिसेना ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति के नए प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलायी है। यह प्रस्ताव श्रीलंका मे लिट्टे के साथ 26 साल तक चले गृहयुद्ध के दौरान हुए युद्ध अपराधों को लेकर है।

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक मे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे समेत करीब 26 पार्टियो के शामिल होने की उम्मीद है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव मे श्रीलंका मे गृहयुद्ध के दौरान मानवाधिकारो के कथित उल्लंघन जांच कराने की मांग की गई है, इस जांच मे विदेशी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।

प्रस्ताव का मसौदा अमेरिका ने तैयार किया है। श्रीलंका में गृहयुद्ध 2009 मे खत्म हुआ था। देश के राष्ट्रवादी समूहों ने इस प्रस्ताव को विश्वासघात करार दिया है। जबकि सिरिसेना सरकार इसे जीत मान रही है।

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