बोस्टन (पीटीआई)। मानव जीवन में रोबोट का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अब ऐसे सॉफ्ट रोबोट विकसित करने का दावा किया है जो धड़कनों को सामान्य रखने में मददगार होगा। हार्ट फेल के साथ दिल से जुड़ी अन्य बीमारियों से निपटने में आसानी होगी।

रोबोट द्वारा समाचार पढ़ने, टांके लगाने और घर के छोटे-मोटे काम करने की बात पहले ही सामने आ चुकी है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अनुसार हार्ट फेल की स्थिति में दिल की कार्यप्रणाली कमजोर हो जाती है। रोबोट इसे दुरुस्त करने में सक्षम होगा। प्रयोग में इसकी मदद से धड़कनों को सामान्य बनाए रखने में सफलता मिली है।

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शोधकर्ताओं ने बताया कि मौजूदा तकनीक वेंट्रीक्यूलर असिस्ट डिवाइस (वीएडी) के कारण खून का थक्का बनने या स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। वीएडी के खून के संपर्क में रहने से यह समस्या सामने आती है। यह एक प्रकार का पंप होता है जो खून की आपूर्ति बनाए रखता है। सॉफ्ट रोबोट के साथ यह परेशानी नहीं होगी। रोबोट को दिल के बाहरी हिस्से में फिट किया जाएगा, जिसके कारण यह ब्लड के संपर्क में नहीं आएगा। ऐसे में मरीज को खून पतला करने वाली खतरनाक दवाई लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एलन रोश के मुताबिक, नए शोध से क्लीनिकल जरूरतों में रोबोट की भूमिका स्पष्ट हुई है। रोबोट की बाहें अपेक्षाकृत मुलायम होंगी, जिससे इसे आसानी हार्ट के समीप फिट किया जा सकेगा। साथ यह टिश्यू के संपर्क में आकर बेहतर तरीके से काम करने में भी सक्षम पाया गया है। इससे हार्ट ट्रांसप्लांट की समस्या से भी निजात मिलने की संभावना जताई गई है।

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