रोम। इटली में खंडित जनादेश की सरकार बनाने के जोड़तोड़ में लगे विवादों में घिरे रहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के खिलाफ एक नई जांच शुरू हो गई है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सिल्वियो पर आरोप है कि उन्होंने 2006 में एक सांसद को पाला बदलने के लिए घूस दी थी।

गौरतलब है कि बर्लुस्कोनी के करियर में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के 30 से अधिक मामले चल चुके हैं, लेकिन किसी भी मामले में उन्हें सजा नहीं हुई है। बर्लुस्कोनी के दोनों वकील निकोलो घेडिनी और पियरो लोंगो ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई कानूनी नोटिस नहीं मिला है। इसलिए इस मामले पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। सूत्रों के मुताबिक, 2006 में सर्जियो डी ग्रेगोरियो को अपनी पार्टी छोड़कर बर्लुस्कोनी की पीपुल ऑफ फ्रीडम (पीडीएल) में शामिल होने के लिए 30 लाख यूरो दिए गए। ग्रेगोरियो के ऐसा करने से रोमानो प्रोडी की सरकार गिरने से बच गई थी। ग्रेगोरियो के वकील ने भी इन आरोपों पर फिलहाल कुछ कहने से इन्कार कर दिया।

विवादों से घिरे रहने वाले बर्लुस्कोनी के लिए इस समय यह आरोप लगना बेहद मुश्किल भरा है। उनकी पार्टी पीडीएल भी बहुमत पाने के लिए जोड़तोड़ में जुटी हुई है। पीडीएल के सचिव एंजलीनो अल्फानो ने बताया कि जजों द्वारा सिल्वियो के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई फिर शुरू कर दी गई है। पार्टी अपने सम्मान और इटली में प्रजातंत्र को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन करेगी।

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