इस्लामाबाद, प्रेट्र : मुस्लिम लीग-नवाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व पेट्रोलियम मंत्री शाहिद खाकन अब्बासी पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री होंगे। वह नवाज शरीफ के छोटे भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ के नेशनल असेंबली पहुंचने तक इस पद पर बने रहेंगे। अब्बासी को नवाज का विश्वासपात्र माना जाता है। शाहबाज के सांसद बनते ही वह इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद शाहबाज को प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसमें लगभग 45 दिन का समय लगेगा।

 शनिवार को पीएमएल-एन संसदीय दल की तीन घंटे चली बैठक में शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति बनी। अब्बासी और शाहबाज के नाम का प्रस्ताव खुद नवाज शरीफ ने रखा, जिसका पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन किया। बैठक में नवाज शरीफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया गया। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ को तथ्य छिपाने के लिए संसद की सदस्यता के अयोग्य करार दिया था। इसी के साथ ही उनका प्रधानमंत्री पद भी चला गया था। उन्होंने दुबई की एक कंपनी का वर्क परमिट होने की जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ और उनके दो बेटों व बेटी के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया था। हालांकि, नवाज शरीफ ने शनिवार को अपने को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला क्यों सुनाया है। उन्होंने कहा कि जब मैंने वेतन ही नहीं लिया, तो घोषणा किस चीज की करता। संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान की सर्वोच्चता कायम रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का भी एलान किया। शाहबाज के प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में पंजाब में मुख्यमंत्री का पद रिक्त हो जाएगा। राजनीतिक रूप से अहम इस राज्य की कमान उनके बेटे हमजा को देने की चर्चा चल रही है। हमजा इस समय संसद सदस्य हैं और उनको मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा का चुनाव लड़ना पड़ेगा।

 शरीफ का वनवास कब तक

-सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट नहीं है कि नवाज शरीफ कब तक संसद सदस्य बनने के अयोग्य रहेंगे।

-यह आदेश संसद के मौजूदा कार्यकाल तक प्रभावी रहेगा या यह नवाज के लिए ताउम्र की सजा होगी।

-पाकिस्तान के कानूनी जानकार भी इस बात को लेकर एकमत नहीं हैं और तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।

-सरकारी अधिकारी भी आदेश की अपनी तरह से समीक्षा कर रहे हैं। लेकिन कोई सही उत्तर नहीं दे पा रहा है।

अंतरिम प्रधानमंत्री क्यों

पाकिस्तानी कानून के अनुसार शाहबाज जब तक नेशनल असेंबली के लिए निर्वाचित नहीं हो जाते, तब तक वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। इसीलिए अब्बासी अंतरिम तौर पर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे।

पहले भी हुआ है ऐसा

पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ ने शौकत अजीज को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री मनोनीत किया था। लेकिन, वे सांसद नहीं थे। इसलिए चौधरी शुजात हुसैन को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था।

नवाज की सीट से लड़ेंगे शाहबाज

नेशनल असेंबली पहुंचने के लिए शाहबाज शरीफ अपने भाई नवाज शरीफ की रिक्त लाहौर की एनए-120 सीट से चुनाव लड़ेंगे। शरीफ के खिलाफ मुहिम चलाने वाले इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ ने डॉ. यास्मीन राशिद को शाहबाज के खिलाफ उतारने का एलान किया है। इससे पहले 2013 के चुनाव में उन्होंने ही नवाज शरीफ को भी चुनौती दी थी।

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Posted By: Bhupendra Singh

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