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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तालिबान और अफगानिस्‍तान के बीच शांति वार्ता में मध्‍यस्‍थता को रूस तैयार

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sat, 15 Apr 2017 01:07 PM (IST)Updated: Sat, 15 Apr 2017 01:35 PM (IST)

रूस ने अफगानिस्‍तान और तालिबान के बीच शांति वार्ता में मध्‍यस्‍थता करने का ऑफर दिया था।

तालिबान और अफगानिस्‍तान के बीच शांति वार्ता में मध्‍यस्‍थता को रूस तैयार
तालिबान और अफगानिस्‍तान के बीच शांति वार्ता में मध्‍यस्‍थता को रूस तैयार

मास्‍को (एएनआई)। रूस ने अफगानिस्‍तान और तालिबान के बीच शांति वार्ता में मध्‍यस्‍थता करने का ऑफर दिया था। अफगानिस्‍तान में शांति स्‍थापना के लिए हुई क्षेत्रीय देशों की इस बैठक में अफगानिस्‍तान, भारत, चीन, ईरान, पाकिस्‍तान, कजाखिस्‍तान, क्रिगीस्‍तान, तुर्कमेनिस्‍तान, तजाकिस्‍तान और उजबेकिस्‍तान के प्रतिनिधि शामिल थे। इस बैठक के बाद एक बयान में कहा गया कि अफगानिस्‍तान में लड़ाई के जरिए शांति स्‍थापित नहीं की जा सकती है।

इन सभी देशाें का कहना था कि यहां पर शांति स्‍थापना के लिए राजनीतिक हल निकाला जाना जरूरी है और वार्ता के जरिए इसको हासिल किया जा सकता है। इन देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह शांति वार्ता संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों के मुताबिक ही होनी भी चाहिए। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता मार्क टोनर ने शांति स्‍थापना के लिए बुलाई गई इस तीसरी बैठक का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि इस तरह की बैठक का कोई अर्थ नही है।

सभी देशों ने इस बैठक के बाद एकजुट होकर शांति स्‍थापना के लिए अफगानिस्‍तान द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की ह। इन देशों का कहना था कि तालिबान को अफगानिस्‍तान में अपनी गतिविधियों को तुरंत बंद कर देना चाहिए और शांति स्‍थापना के लिए आगे बढ़कर वार्ता में हिस्‍सा लेना चाहिए। सभी देशों ने इसके लिए आगे आने पर रूस का स्‍वागत भी किया।