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सिडनी (एजेंसी)। मीथेन गैस निकालने वाली कंपनियों की घातक लापरवाही साबित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के एक सांसद ने नदी में आग लगा दी। सुनने में बात अजीब लगती है लेकिन सच है। उसने नदी में पानी की सतह पर फैली मीथेन गैस के बुलबुलों में आग लगा दी जो तेजी से फैल गई।
घटना क्वींसलैंड की नदी कोंडमाइन की है। इस नदी के पास मीथेन गैस के सैक़़डों कुएं हैं। रिसाव की वजह से मीथेन गैस नदी की ऊपरी सतह पर तैरती है। ग्रींस पार्टी के सांसद जेरेमी बकिंघम लंबे समय से नदी के आसपास कुओं से गैस निकालने वाली कंपनियों का विरोध करते रहे हैं। विरोध जताने और कंपनियों की लापरवाही साबित करने के लिए सांसद ने नदी में आग लगाने का फैसला किया। वह नाव से नदी में उतरे और रसोई में इस्तेमाल होने वाले लाइटर से मीथेन के बुलबुलों में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने नदी को गिरफ्त में ले लिया। आग भ़़डकने पर ह़़डब़़डी में बकिंघम नाव से किनारे पर कूद गए। नाव को भी उन्होंने बचा लिया। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है जिसे अब तक बीस लाख से अधिक लोग देख चुके हैं।
कोंडमाइन नदी मुरे-डार्लिग बेसिन का हिस्सा है। यह बेसिन करीब 10 लाख वर्ग किमी में विस्तारित नदियों का जाल है। नदियां पांच राज्यों से गुजरती हैं। ऑस्ट्रेलिया प्रमुख गैस निर्यातक देश है। इसके बावजूद पर्यावरणीय चिंताओं के कारण यहां के गैस उत्खनन उद्योग को लोगों के विरोध का सामना करना प़़डता है।
आसपास के किसानों और अन्य लोगों को डर है कि अधिक दबाव के पानी के जरिए गैस निकासी की प्रक्रिया जमीनी पानी को भी दूषित कर सकती है। वहीं दूसरी ओर इस काम में लगी कंपनियों का दावा है कि उनकी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। कंपनी ओरिजिन एनर्जी ने अपनी सफाई में कहा कि हम कोंडमाइन नदी में उठने वाले बुलबुलों को लेकर सतर्क हैं। हम जानते हैं, यह चिंताजनक हो सकता है, लेकिन हमारी प्रक्रिया से पर्यावरण या लोगों को कोई खतरा नहीं है। लोगों को थो़़डी सतर्कता बरतनी चाहिए।

(वीडियो साभार- मैक्स फिलिप्स)

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Posted By: Lalit Rai

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