संयुक्त राष्ट्र। बाबा साहेब के व्यापक विकास लक्ष्यों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र इस वर्ष बी आर अंबेडकर की 125वीं जयंती मना रहा है, और इस अवसर पर संरा से इस दिन को अंतरराष्ट्रीय समानता दिवस घोषित करने की मांग की गयी है।

अंबडेकर जयंती पर लगाया रक्तदान शिविर

पंजाब असेंबली स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर कहा, ‘मेरा मानना है समानता के लिए बाबा साहेब का जीवनपर्यंत संघर्ष केवल भारत के लोगों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए था।‘ इसलिए उनके लिए सच्चा सम्मान व श्रद्धांजलि यही होगा कि इस दिन को संयुक्त राष्ट्र ‘अंतरराष्ट्रीय समानता दिवस (World Equality Day)’ घोषित कर दे। न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने कहा कि अंबेडकर के आदर्श आज के लिए मायने रखते हैं, संयुक्त राष्ट्र ने अपना सतत विकास लक्ष्य के कार्यक्रम को शुरू किया।

क्लार्क ने कहा, ‘ अंबेडकर असमानता के कारण अच्छे लोगों में बदलावों को समझा और संरा ने अपने लक्ष्य में असमानता को हटाने का निर्णय लिया है।‘ क्लार्क अब संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यकर्म की प्रमुख और आगामी चुनावों में संरा की जनरल सेक्रेटरी के लिए उम्मीदवार हैं। संरा में भारतीय मिशन के द्वारा पहली बार इस मौके को मनाए जाने का निर्णय लिया गया।

संयुक्त राष्ट्र पहली बार मनाएगा अंबेडकर जयंती

राजदूतों, अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों, शिक्षा क्षेत्र से लोगों के साथ अमेरिका में रह रहे भारतीयों समेत कुल 550 से अधिक लोग इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के कांफ्रेंस रूम में उपस्थित थे। प्रवेश द्वार पर नर्तकों व ड्रम वादकों को अभिवादन के लिए रखा गया था। न्यूयार्क के बेगमपुरा कल्चरल असोसिएशन ने सुसज्जित अंबेडकर की प्रतिमा संयुक्त राष्ट्र को दिया।

राजदूतों, अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों, शिक्षा क्षेत्र से लोगों के साथ अमेरिका में रह रहे भारतीयों समेत कुल 550 से अधिक लोग इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के कांफ्रेंस रूम में उपस्थित थे। प्रवेश द्वार पर नर्तकों व ड्रम वादकों को अभिवादन के लिए रखा गया था। न्यूयार्क के बेगमपुरा कल्चरल असोसिएशन ने सुसज्जित अंबेडकर की प्रतिमा संयुक्त राष्ट्र को दिया। कमानी ट्यूब्स की चेयरपर्सन, कल्पना सरोज का फाउंडेशन इस मौके के लिए को-स्पांसर कर रहा ।

By Monika minal