पटना, आनलाइन डेस्‍क। World Photography Day: समस्‍याएं आती-जाती रहती हैं। इनके बीच जिंदगी भी अपनी रफ्तार से चलती है। बीते तीन साल के दौरान देश व बिहार ने कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के कई दौर झेले। इनसे हो रहीं मौतों के बीच जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ने का हौसला दिखा तो बचाव के एहतियाती उपाए व लाकडाउन (Lockdown) के बीच जीवन के कई रंग भी नजर आए। लेंस की नजर में कैसा रहा कोरोना लाकडाउन, विश्‍व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आइए डालते हैं नजर।

कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए मास्‍क जरूरी है। इसे बच्‍चों ने भी समझा। पटना में एक बच्‍ची की अपनी मां के चिंता देखिए। वह मां की सुरक्षा के लिए उसके बाहर निकलने के पहले मास्‍क ठीक कर रही है।

फोटो: अजित कुमार (पटना)

बिहार में डाक्‍टर व अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य‍कर्मी कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज करने में दिन-रात लगे रहे। इसके अलावा वे बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने में भी पीछे नहीं दिखे। अब अस्‍पताल परिसर में आए मरीजों व उनके स्‍वजनों को जागरूक करते पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्‍थान के डाक्‍टरों व नर्सों को ही देखिए। फोटो: अजित कुमार (पटना)

करोना से बचाव के लिए समाज का हर तबका लोगों को जागरूक करने में लगा दिखा। ऐसे में कलाकार भी अपनी जिम्‍मेदारी से पीछे कैसे हटते? अब इन यमदूतों के साथ यमराज को देखिए। कैसे सड़क पर निकले स्‍कूटर सवार को घेरे खड़े हैं। पटना के कलाकारों ने सड़कों पर उतर कर लोगों का अपने तरीके से जागरूक किया।फोटो: अजित कुमार (पटना)

लाकडाउन के दौरान लोग लोग घरों में कैद थे। बाजार भी बंद थे। जरूरत के सामान के लिए संबंधित दुकानें निश्‍चित समय पर ही खुलती थीं। परेशानी तो थी। ऐसे में घर में बाहर से सामान लाने वाला नहीं रहने पर पुलिस भी मदद के लिए आगे आई। पटना पुलिस के हेल्‍पलाइन नंबर पर फोन कर जरूरत के सामान मंगवाने वाली इस महिला को ही देखिए। फोटो: अजित कुमार (पटना)

लाकडाउन में ट्रेन सेवाएं बंद रहीं। हमेशा गुलजार रहने वाले स्‍टेशनों पर सन्‍नाटा पसरा दिखा। पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल को ही देखिए, लाकडाउन में कैसे इसके मुख्‍य द्वार को बंद कर दिया गया था। फोटो: अजित कुमार (पटना)

लाकडाउन के दौरान जब ट्रेनें बंद हो गईं, तब बड़ी संख्‍या में बिहार के लोग राज्‍य के बाहर फंस गए। इनमें दूसरे राज्‍यों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की परेशानी से बिहार में उनके अभिभावक भी चिंतित रहे। अंतत: उनको लेकर स्‍पेशल ट्रेनें बिहार पहुंची। दूसरे राज्‍यों से छात्र-छात्राओं को लेकर ऐसी ही एक ट्रेन दानापुर  स्‍टेशन पर पहुंची थी। फोटो: अजित कुमार (पटना)

स्‍पेशल ट्रेनों से बिहार पहुंचे छात्र-छात्राओं की की खुशी कहें या जल्‍दी से जल्‍दी घर पहुंचने की आपाधापी, वे ट्रेन की खिड़की से भी निकलते दिखे। फोटो: अजित कुमार (पटना)

स्‍पेशल ट्रेनें चलीं तो बाहर फंसे बिहार के लोग घरों की ओर चले। ऐसी ट्रेनों से आने वाले लोगों को कोरोनावायरस है या नहीं, इसकी जांच की गई। फिर उन्‍हें व उनके सामान को सैनिटाइज कर शहर के अंदर एंट्री दी गई। देखिए, पटना जंक्‍शन पर यात्रियों व उनके समान को कैसे सैनिटाइज किया जा रहा है। फोटो: अजित कुमार (पटना)

कोरोनावायरस संक्रमण के दौर में तमाम एहतियातों के बावजूद जिंदगी की जंग हारने वालों की संख्‍या भी कम नहीं रही। अस्‍पतालों के साथ-साथ शमशान घाटों पर भी लाइन लग रही थी। इस हकीकत को बयां करती पटना के महेन्‍द्रू स्थित गुलबी गंगाघाट पर दाह संस्‍कार करते डोम राजा को देखिए। तस्‍वीर की फ्रेम में अन्‍य शवों के अंतिम संस्‍कार तथा वहां पहले हो चुके अंतिम संस्‍कार भी स्‍पष्‍ट दिख रहे हैं। फोटो: अजित कुमार (पटना) 

Edited By: Amit Alok