World Photography Day 2022, जागरण टीम: दो साल के लंबे समय के बाद जिंदगी की गाड़ी पटरी पर आई है। कोरोना संक्रमण और इसके चलते लगाए गए लॉकडाउन ने सबकुछ स्थिर कर दिया। इस महामारी के कई चित्र लोगों ने अपने कैमरों में कैद किए। जो शायद इतिहास भी बन गए हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस 2022 की थीम भी इस कोविड काल पर आधारित है। 'लेंस के माध्यम से महामारी का लॉकडाउन (Pandemic Lockdown through the lens)' है। ऐसे में जागरण की कुछ चुनिंदा फोटो आपके समक्ष हैं।

1. यह तस्वीर प्रवासी मजदूरों की है। यह सभी दिल्ली से बस के जरिए बांका के लिए चले थे। बस वालों ने रास्ते में ही उतार दिया था। इसके बाद पैदल ही भागलपुर होते हुए बांका जाना पड़ा। जो सामान था उसे बोरे में बांधकर घर के लिए चल दिए।

2.यह तस्वीर 28 अप्रैल 2021 को भागलपुर स्थित गंगा नदी की है। जो कोरोना के समय स्वच्छ और निर्मल हो गई थी। यही नहीं, गंगा के साथ उसके किनारे भी बिल्कुल साफ थे।

3. यह तस्वीर भागलपुर स्टेशन पर प्रवासियों से भरी पहली ट्रेन पहुंची तब जीआरपी ने उनका स्वागत किया। जब ट्रेन पहुंची तो पुलिस वाले निर्धारित दूरी बनाकर गोल घेरे मेें तैनात थे। इसके साथ स्टेशन पर कोरोना जांच की व्यवस्था थी।

4. यह तस्वीर भागलपुर स्टेशन की है। प्रवासियों को लेकर ट्रेन आती थी, तो पीपीई किट पहने कर्मी स्टेशन से बाहर निकलते समय उन लोगों को पूरी तरह सैनिटाइज करते थे।

5. कोरोना के दौरान शहर में जगह-जगह सब्जी वालों को भी दूरी बनाकर बैठने का निर्देश था। विश्वविद्यालय रोड पर सब्जी दुकान लगाने की जगह दी गई थी।

6. यह तस्वीर जजेज कालोनी की है। सभी न्याययिक पदाधिकारी सपरिवार जुट कर लोगों की मदद के लिए खाना तैयार करते रहे। (फोटो -राजकिशोर, भागलपुर)

7. तस्वीर नाथनगर की है। हमने हर एक त्योहार कोरोना को मात देने के लिए प्रोटोकाल के साथ मनाए। भक्ति-भाव और श्रद्धा को मन से अर्पित किया। (फोटो-रक्षाबंधन के दौरान की)

8. निभाई अपनी जिम्मेदारी- कोरोना को दी मात। महावैक्सीन अभियान को बनाया सफल।

Edited By: Shivam Bajpai