इस्लामाबाद। सियाचिन मुद्दे पर नई पैंतरेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से सेना हटाने की मांग की है। उसने कहा है कि भारतीय सेना की मौजूदगी के कारण पर्यावरण को हो रही क्षति और प्रदूषण से ग्लेशियर को नुकसान पहुंच रहा है जो देश के लिए जल आपूर्ति का मुख्य स्त्रोत है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने आरोप लगाया कि सियाचिन पर भारतीय सैनिकों की मौजूदगी पाकिस्तान के पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जल संकट का सामना कर रहा है और उसके मुख्य जल स्त्रोत को भारतीय सैन्य दल नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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सैनिकों के दैनिक उपयोग की वस्तुओं के कचरे से ग्लेशियर के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। ग्लेशियर पर भारतीय सैनिकों की मौजूदगी को बड़ा मुद्दा बताते हुए उन्होंने भारत से सियाचिन से प्राथमिकता के आधार पर अपनी सेना हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान विभिन्न माध्यमों से जल विवाद को हल करने में व्यस्त हैं, जिनमें संयुक्त वार्ता और सिंधु जल आयोग भी शामिल है। वर्ष 1984 से ही दुनिया के इस सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र पर दोनों देशों की सेनाएं जमी हुई हैं। हालांकि वर्ष 2003 में युद्ध विराम लागू होने के बाद से यहां बंदूकें शांत हैं, लेकिन ग्लेशियर पर प्रतिकूल मौसम ने दोनों पक्षों के कई लोगों की जान ली है। पर्यावरणविदों के मुताबिक हिमालय और काराकोरम में मानव गतिविधियां बढ़ने से ग्लेशियर तेजी से सिकुड़ रहा है।

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