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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी का नेपाल पर भी असर, प्रचंड ने पीएम मोदी को फोन करके मांगी मदद

By digpal singhEdited By:
Published: Tue, 15 Nov 2016 03:37 PM (IST)Updated: Tue, 15 Nov 2016 04:39 PM (IST)

प्रचंड ने भारतीय प्रधानमंत्री से कुछ ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे नेपाल में जिन लोगों के पास भी ...और पढ़ें

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काठमांडू (पीटीआई)। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। भारत में 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद नेपाल में जिन लोगों के पास यह नोट हैं उनकी दिक्कतों के बारे में प्रचंड ने पीएम मोदी को बताया। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से कुछ ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे नेपाल में जिन लोगों के पास भी यह भारतीय मुद्रा है वे भी इसे आसानी से बदल सकें।

करीब पांच मिनट की अपनी बातचीत में प्रचंड ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि नेपाल में भी कई लोगों के पास बड़ी संख्या में 500 और 1000 रुपये के नोटों के रूप में भारतीय मुद्रा है। लेकिन अब भारत सरकार ने इन नोटों को चलन से बाहर कर दिया है।

पढ़ें : नोट बंद होने से नेपाली मजदूरों के सामने संकट

स्थानीय अखबार काठमांडू पोस्ट के अनुसार सैंकड़ों-हजारों लोग मजदूर के रूप में भारत में काम करते हैं। वे लोग जो मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी चीजों के लिए भारतीय बाजारों पर आश्रित हैं। और उनके पास 500-1000 रुपये के नोट हैं, वे भारत में नोटबंदी के फैसले से खासे दुखी और परेशान हैं।

जिंदगीभर की बचत खत्म हो जाएगी

इसके अलावा जो लोग तीर्थयात्रा के लिए भारत का दौरा करते हैं या जो लोग दोनों देशों के बीच व्यापार करते हैं। उनके पास भी बड़ी संख्या में बड़े नोट हैं और अब इनके चलन में न होने से वे काफी परेशान हैं। नेपाली

वाणिज्य एवं उद्योग मंडल महासंघ के अनुसार अगर यह पुराने नोट नहीं बदले गए तो बहुत से लोगों की पूरी बचत खत्म हो जाएगी।

भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ्तार युवक के पास मिले दो पैन कार्ड

प्रचंड की व्यक्तिगत वेबसाइट पर उनकी तरफ से एक बात लिखी गई है. जिसमें कहा गया है, 'इसे ध्यान में रखते हुए भारत कुछ ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे नेपाली लोग नेपाल में ही अपने पुराने नोटों को बदलवा सकें।'

पीएम मोदी ने दिया आश्वासन

इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि वे इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाएंगे और वित्त मंत्री से कहेंगे कि वे नेपाली वित्त मंत्री के साथ इस मामले में बात करें। भारत में 500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगने के बाद नेपाल के सेंट्रल बैंक 'नेपाल राष्ट्र बैंक' ने भी पिछले बुधवार को इन नोटों के चलन को बैन कर दिया था।

एक रिपोर्ट के अनुसार नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने कहा है कि नेपाल के वित्तीय सिस्टम में 500-1000 रुपये के नोटों के रूप में तीन करोड़ 36 लाख रुपये हैं। इसमें वित्तीय संस्थानों, बैंकों के लॉकरों में रखी नगदी और एनआरबी भी शामिल हैं।

भारतीय बाजारों पर आश्रित हैं सीमाई लोग

हालांकि नेपाल में मौजूद प्रतिबंधित भारतीय मुद्रा इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। क्योंकि पहले नेपाल में नागरिकों को 500-1000 रुपये के रूप में 25 हजार रुपये तक रखने की छूट थी। इसके अलावा जो लोग भारत के करीब सीमाई इलाकों में रहते हैं, वे भी भारतीय मुद्रा छिपाकर रखते हैं। क्योंकि वे जरूरी वस्तुओं के लिए भारतीय बाजारों पर आश्रित हैं।

इधर भारत सरकार ने कहा है कि जिन लोगों के पास भारतीय बैंकों में अकाउंट हैं, उन्हें चिंता की कोई बात नहीं है। वे बैंकों में आकर अपने पुराने नोट बदलवा सकते हैं। लेकिन बड़ी संख्या में नेपाली लोग ऐसे हैं, जिनके पास 500-1000 के कई पुराने नोट तो हैं लेकिन भारतीय बैंकों में अकाउंट नहीं हैं.

इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पिछले गुरुवार को नेपाल के वित्त मंत्रालय ने भारतीय वित्त मंत्रालय को चिट्टी लिखी थी। चिट्ठी में मांग की गई है कि नेपाल में जिन लोगों के पास 500-1000 रुपये के पुराने नोट हैं उन्हें बदलने की सुविधा नेपाल में ही दी जाए। यही नहीं नेपाल राष्ट्र बैंक ने भी भारतीय रिजर्व बैंक को इस मामले में चिट्ठी लिखी है।