लंदन। 24 जून का दिन यूरोपीय इतिहास में अहम दिन के तौर पर याद किया जाएगा। यूरोप के कद्दावर देशों में से एक ब्रिटेन अब यूरोपीय युनियन का हिस्सा नहीं होगा। 23 जून को हुए ऐतिहासिक जनमत संग्रह पर दुनिया की नजर टिकी हुई थी। शुरुआत में कांटे की टक्कर में ब्रेग्जिट समर्थकों और रीमेन में जोरदार टक्कर चल रही थी। लेकिन फाइनल रिजल्ट के घोषित होने के साथ ही ये साफ हो गया कि 51 फीसद से ज्यादा ब्रिटिश जनता ने यूरोपीय यूनियन से बाहर रहने का फैसला किया है। EU के खिलाफ अभियान चलाने वाले डॉ नाइजेल फरागे ने पीएम डेविड कैमरन पर जमकर भड़ास निकाली। आइए बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा।

- यूरोपीय यूनियन हर रोज मर रहा है। ब्रिटेन की सरकार को बदलने की जरुरत है।

- 23 जून 2016 अब इतिहास बन चुका है। इसे ब्रिटेन के इतिहास में स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाना चाहिए।

- ये ब्रिटेन के सामान्य लोगों की जीत है। ये बड़े-बड़े बैंकों और औद्योगिक घरानों के खिलाफ जीत है।

यूरोपीय संघ से अलग होने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सधी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये उस मुद्दे पर ब्रिटेन के लोगों के रुख को बताता है। भारत और ब्रिटेन के रिश्ते ऐतिहासिक रहे हैं। दोनों देश के एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ सकते हैं।

Posted By: Lalit Rai

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