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वाशिंगटन। विश्व की नदियां और जल स्रोत वैज्ञानिकों के पहले के अनुमान की तुलना में हमारे वातावरण में करीब दस गुना अधिक मिथेन गैस छोड़ती हैं। यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है।

यह अध्ययन कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ विनीपेग और अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के लैंड कार्बन प्रोजेक्ट के शोधकर्ताओं की ओर से संयुक्त रूप से किया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन मैडिसन की प्रोफेसर एमिली स्टेनली ने बताया, 'वैज्ञानिक जानते हैं कि अंतर्देशीय जल स्रोत जैसे झीलें, जलाशय और नदियां मिथेन गैस की बड़ी स्रोत हैं।'

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उन्होंने कहा कि इन स्रोतों से मिथेन के उत्सर्जन का सटीक आकलन अभी भी एक चुनौती है। कार्बन डाइआक्साइड और मिथेन जैसी गैस ग्रीन हाउस गैसें हैं, जो धरती की सतह में फंसी रहती हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि विश्लेषण से जलस्रोतों और नदियों से स्पष्ट तौर पर उच्च स्तर पर मिथेन के उत्सर्जन का पता चला है। इसके लिए संभावित कारण भारी कृषि, शहरी विकास या बांध हो सकते हैं। इस अध्ययन का प्रकाशन जर्नल इकोलॉजिकल मोनोग्राफ्स में किया गया है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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