वाशिंगटन। अगर आप भी सिर्फ ये सोचकर चांद पर आशियाना बनाने से कतराते हैं कि वहां रहकर आप धरती पर अपने लोगों से आसानी से संपर्क नहीं कर पाएंगे, तो ये खबर आपके लिए ही है। अब चांद पर भी हाई स्पीड ब्रांडबैंड सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की लिंकन लैबोरेटरी ने एक ऐसी डाटा कम्युनिकेशन तकनीक का पता लगाया है जिसके जरिए अंतरिक्ष में जाने वालों को भी धरती की तरह ही इंटरनेट की सुविधा देना संभव होगा। इसके जरिए उन्हें बड़ी मात्रा में डाटा ट्रांसफर और एचडी वीडियो स्ट्रीमिंग की सुविधा भी मिल सकेगी। यह लैब नासा के साथ काम करती है।

अमेरिका में अगले महीने होने जा रही लेजर एवं इलेक्ट्रोऑप्टिक्स कॉन्फ्रेंस में यह टीम इस तकनीक का प्रदर्शन करेगी। लैब के मार्क स्टीवंस ने कहा कि पहली बार हम इसके क्रियान्वयन का खाका और इसके काम करने के वास्तविक तरीके का प्रदर्शन करेंगे। स्टीवंस ने कहा कि 4 लाख किलोमीटर की दूरी तक लेजर के जरिए हाई स्पीड डाटा को भेजना एक चुनौतीपूर्ण काम है।

चांद करेगा अपनी रातों को रोशन!

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