यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइसीसी के हवाले हो सकता है किम जोंग नाम का मामला
मकाउ में निर्वासित जीवन व्यतीत करने वाले नाम की 13 फरवरी को कुआलालंपुर के एयरपोर्ट पर हत्या कर दी गई थी।

वाशिंगटन, आइएएनएस। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन अगर अपने सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या के सािजशकर्ता जाए गए है तो मामले को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आइसीसी) के पास भेजा जा सकता है।
मकाउ में निर्वासित जीवन व्यतीत करने वाले नाम की 13 फरवरी को कुआलालंपुर के एयरपोर्ट पर हत्या कर दी गई थी। हत्या में वीएक्स नर्व एजेंट नामक रासायनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। यह व्यापक तौर पर माना जा रहा है कि नाम की हत्या के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ है। वॉइस ऑफ अमेरिका ने कानूनी सलाहकार के हवाले से कहा, 'ऐसा कुछ हो सकता है। अगर यह दिखाया जा सके कि इसके पीछे उसका हाथ है तो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद या आइसीसी उसे कठघरे में खड़ा सकती है।'
साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र आमसभा ने प्रस्ताव पारित करके मानवता के खिलाफ अपराध को लेकर उत्तर कोरिया के मामले को आइसीसी के हवाले किया था। एक आयोग की जांच में यह जाहिर हुआ था कि 1,20,000 से अधिक राजनीतिक बंदियों पर क्रूरता बरती जा रही है।
