इस्लामाबाद। अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी ने कहा है कि देश में न्याय व्यवस्था काफी मजबूत हो चुकी है। उनके सेवानिवृत हो जाने के बाद भी इसे प्रभावित नहीं किया जा सकेगा।

आगामी 12 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे चौधरी ने यह टिप्पणी वार्षिक हज यात्रा की व्यवस्था में भ्रष्टाचार के एक मामले की सुनवाई के दौरान की। उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष [आइएमएफ] को पत्र लिखकर कहा है कि मुख्य न्यायाधीश पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं और एक मुख्य पद पर नियुक्ति उनकी सेवानिवृत्ति के बाद ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार के संवैधानिक अधिकारी यह नियुक्ति करेंगे, लेकिन सरकार अपने इस व्यवहार से अदालतों का मजाक बना रही है।

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चौधरी ने भ्रष्टाचार के मामलों और कमजोर प्रशासन पर सरकार को फटकार लगाकर देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित कर नई पहचान दी है। उनके कार्यकाल में कई बार न्यायपालिका का कार्यपालिका और सेना से सीधा टकराव भी हुआ। चौधरी की सेवानिवृत्ति के बाद उनका स्थान मृदुभाषी कहे जाने वाले न्यायाधीश तारिक हुसैन जिलानी लेंगे। हालांकि वह इस पद पर महज छह महीने 25 दिनों तक ही रहेंगे।

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