न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क की एक ज्यूरी ने भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला की गवाही की समीक्षा की मांग की है। इस महिला पर भारत से आई एक अवैध अप्रवासी को घर में नौकरानी बना कर रखने का आरोप है।

ज्यूरी के सदस्य डिस्ट्रिक कोर्ट में 40 वर्षीय एनी जार्ज के मामले की सुनवाई कर रहे हैं। ज्यूरी ने न्यायाधीश ग्रे शार्प को जार्ज की उस गवाही को दोबारा सुनने को कहा है, जिसमें उसने वलसाम्मा मथाई को संभवत: नौकरानी बताया था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जार्ज ने दलील दी है कि मथाई उनकी मित्र है, जो भारत से आई है। वह घर के काम काज में उनका हाथ बंटाती है, जिसके लिए उन्हें पैसे दिए जाते हैं। लेकिन मथाई कभी उनकी नौकरानी नहीं थी। गवाही को दोबारा सुने जाने पर अगर ज्यूरी के सदस्यों को लगता है कि जार्ज ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान मथाई को अपनी नौकरानी कहा था, तो इससे स्पष्ट हो जाएगा कि बचाव पक्ष ने अदालत में झूठ बोला था।

वित्तीय लाभ के लिए एक अवैध अप्रवासी को घर में शरण देने का दोषी पाए जाने पर जार्ज को दस साल की जेल की सजा और ढाई लाख डॉलर [करीब एक करोड़ 37 लाख रुपये] का जुर्माना हो सकता है।

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