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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत ने गलत देशों के पास परमाणु हथियार होने पर जताई चिंता

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 29 Mar 2017 06:44 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 29 Mar 2017 08:25 PM (GMT+05:30)

जेनेवा में नि:शस्त्रीकरण पर कान्फ्रेंस के पूर्ण सत्र में भारतीय राजदूत अमनदीप सिंह गिल ने मंगलवार को पक्ष रखा।

भारत ने गलत देशों के पास परमाणु हथियार होने पर जताई चिंता
भारत ने गलत देशों के पास परमाणु हथियार होने पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र, आइएएनएस। भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकियों को संरक्षण देने वाले देशों के पास परमाणु हथियार होना चिंताजनक है। ऐसे देश व्यापक संहार करने वाले हथियार हासिल कर सकते हैं। यही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सामने असली खतरा है। किसी देश का नाम लिए बगैर भारत ने पाकिस्तान की ओर इशारा किया है।

जेनेवा में नि:शस्त्रीकरण पर कान्फ्रेंस के पूर्ण सत्र में भारतीय राजदूत अमनदीप सिंह गिल ने मंगलवार को पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आतंकियों के संरक्षक देश दुनिया के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों की विनाशकारी विचारधारा की न तो कोई सीमा है और न ही वे मानवतावादी हैं। उन्होंने परमाणु शक्ति से लैस शक्तियों द्वारा उत्पन्न किए जा रहे खतरे पर भी चेताया। ऐसी परमाणु शक्तियों पर उन्होंने दोहरे मापदंड का ढकोसला करने का आरोप लगाया।

गिल ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को असली खतरा सुरक्षा पर अत्यंत तंग नजरिए से पैदा होता है। परमाणु हथियार के इस्तेमाल की सीमा रेखा की उपेक्षा भी खतरनाक है।' उन्होंने कहा कि भारत और चीन ने पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति घोषित की है। दूसरी ओर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और पाकिस्तान ने इस नीति को खारिज किया है। इन देशों ने पहले हमला करने का विकल्प खुला रखा है। इनमें से कुछ देश परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने से संबंधित सिद्धांत भी बदलने जा रहे हैं।

गिल ने कहा कि परमाणु प्रसार जारी है। ऐसे विनाशकारी हथियारों के इस्तेमाल का एक नया परिदृश्य तैयार हो रहा है। यह शीत युद्ध जैसे बुरे दिनों की वापसी के सिवाय कुछ और नहीं है।

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