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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: मैक्रोन और मेरीन ने जीता पहला राउंड, दूसरा 7 मई को

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Mon, 24 Apr 2017 08:24 AM (IST)

लू पेन और मैक्रोन के बीच आखिरी दौर तक चलने वाली कांटे की टक्कर में मैक्रोन ने बाजी मारी।

फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: मैक्रोन और मेरीन ने जीता पहला राउंड, दूसरा 7 मई को
फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: मैक्रोन और मेरीन ने जीता पहला राउंड, दूसरा 7 मई को

पेरिस(रॉयटर्स)। फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए मध्यमार्गी इमैनुअल मैक्रोन ने अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है। इमैनुअल ने पहले राउंड की वोटिंग को जीत कर 7 मई को होने वाले दूसरे राउंड के लिए क्वालिफाइ कर लिया है। मैक्रोन और धुर दक्षिणपंथी नेता मेरीन लू पेन के बीच दूसरे राउंड का मुकाबला होगा।  लू पेन और मैक्रोन के बीच आखिरी दौर तक चलने वाली कांटे की टक्कर में मैक्रोन ने बाजी मारी।

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में रविवार को पिछली बार से करीब दो फीसद ज्यादा 80फीसद वोट पड़े। मतदान बाद इप्सोस के सर्वेक्षण के मुताबिक, राजनीति में नौसिखिया इमैनुअल मैक्रोन के धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ली पेन को पछाड़कर सबसे आगे रहने का अनुमान है।

इप्सोस के सर्वेक्षण के अनुसार, मैक्रोन को 23.7  फीसद और ली पेन को 21.7 फीसद वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि पहले दौर में किसी उम्मीदवार को 50 फीसदी वोट नहीं मिले। अब सात मई को दूसरे दौर के मतदान में मैक्रोन और ली पेन के बीच सीधा मुकाबला होगा।

इससे पहले, फ्रांस के 66 हजार 546 मतदान केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोट डाले गए। नेशनल फ्रंट की प्रमुख ली पेन ने हेनिन ब्यूमांट शहर में वोट डाला। जबकि युवाओं में लोकप्रिय मैक्रान ने नारमेंडी रिसॉर्ट में पत्नी ली टुकेट के साथ मतदान किया। राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने तुले इलाके में वोट डाला। भारी मतदान को भ्रष्टाचार, आतंकवाद और ऊबाऊ राजनीतिक व्यवस्था के प्रति गुस्से का संकेत माना जा रहा है। वर्ष 2012 में 79.48 फीसद मतदान हुआ था, जबकि इस बार मतदान 80 फीसदी पार कर गया। 

यूरोपीय संघ विरोधी ली पेन
48 वर्षीय ली पेन जीतीं तो फ्रांस को पहली महिला राष्ट्रपति मिलेगी। ली पेन आतंकी हमलों को लेकर पैदा हुए असुरक्षा की भावना को उभारने की कोशिश कर रही हैं। बेरोजगारी, शरणार्थियों को लेकर यूरोपीय संघ के खिलाफ नाराजगी भी उनके पक्ष में जा सकती है।

यूरोप की एकता के समर्थक मैकरॉन
39 साल के मैक्रोन जीते तो देश के सबसे युवा राष्ट्रपति होंगे। पूर्व बैंकर मैक्रोन की गैर राजनीतिक छवि जनता को भा रही है। उन्होंने एक साल पहले एन मार्च नाम से आंदोलन शुरू किया था। ली पेन से उलट वह यूरोपीय संघ में फ्रांस के बने रहने के समर्थक हैं। मैक्रोन कह चुके हैं कि वह दक्षिणपंथ और वामपंथ के बीच का रास्ता अपनाएंगे।

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