इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए फिर से समग्र वार्ता का दौर शुरु होने जा रहा है। आज इस्लामाबाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीत के बीच हुई बैठक में इसकी सहमति बन गई है। भारत जहां जम्मू व कश्मीर पर वार्ता को तैयार है वहीं पाकिस्तान मुंबई हमले के दोषियों को जल्दी से जल्दी सजा दिलाने की बात कही है। दोनों देश कश्मीर से लेकर आतंकवाद तक और सियाचिन से लेकर आर्थिक सहयोग तक हर मुद्दे पर नए सिरे से सचिवों की अगुवाई में बातचीत का श्रीगणेश करेंगे।

देर शाम सुषमा की अगुवाई में भारतीय दल ने पाकिस्तान पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता का दौर फिर से शुरु करने की रजामंदी बन गई। स्वराज ने वहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, ''भारत और पाकिस्तान के बीच समग्र वार्ता फिर से शुरु करने को तैयार हो गये हैं। दोनों देशों के विदेश सचिवों को कहा गया है कि वह यह तय करें कि समग्र वार्ता कब से शुरु होगी और इसके तहत किन मुद्दों को शामिल किया जाएगा।'' अगर ऐसा होता है तो केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार पाकिस्तान के साथ बातचीत का सिलसिला शुरु होगा। माना जा रहा है कि इसके तहत विदेश, वाणिज्य, होम और ऊर्जा सचिवों के स्तर पर अलग अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत की जाएगी।

विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि भारतीय विदेश मंत्री स्वराज और सलाहकार सरताज ने आतंकवाद बात की और इसकी निंदा करते हुए इसके खात्मे के लिए सहयोग करने की मंशा जताई। यह माना गया कि बैंकाक में दोनों देशों के एनएसए के स्तर पर जो बातचीत का दौर शुरु किया गया है, वह आगे भी जारी रहेगा और एनएएस के स्तर पर ही आतंक के खिलाफ मुद्दों को सुलझाया जाएगा। भारतीय पक्ष को यह आश्वासन दिया गया है कि पाकिस्तान मुंबई हमले के दोषियों को तेजी से सजा दिलाने के लिए कदम उठाएगा। समग्र वार्ता पर भी सहमति बन गई है। विदेश सचिवों आगे जम्मू व कश्मीर, सियाचीन, सर क्रीक, वुल्लर ब्रिज, आर्थिक व वाणिज्यिक सहयोग, आतंकरोधी सहयोग और जनता के बीच संवाद को बढ़ावा देने के विषय पर बातचीत का सिलसिला शुरू करने का रोडमैप बनाएंगे।

हार्ट ऑफ एशिया बैठक में भाग लेने इस्लामाबाद पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का नया हाथ बढ़ाया है। वहां पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ और विदेश मंत्री सरताज अजीज के साथ बेहद सद्भावपूर्ण माहौल में न उनकी बातचीत हुई बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगले साल सार्क देशों की बैठक मे वहां जाने की संभावना भी बलवती हुई है। साथ ही दोनों देश एक बार फिर से समग्र वार्ता का सिलसिला शुरु करने को तैयार हो गये हैं।

हार्ट ऑफ एशिया की बैठक अफगानिस्तान मामलों को लेकर बुलाई गई है। विदेश मंत्री स्वराज के वहां पहुंचने के साथ ही दुनिया भर की मीडिया की निगाहें उनकी यात्रा पर केंद्रित हो गई है। स्वराज ने इस माहौल को समझा और पड़ोसी देश को अमन का मजबूत पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि, ''मैं इस अवसर पर पाकिस्तान की तरफ हाथ बढ़ाती हूं। यह समय है हम एक दूसरे के साथ परिपक्वता व आत्म विश्वास दिखायें और क्षेत्रीय सहयोग व कारोबार को मजबूत करें। पूरी दुनिया बदलाव का इंतजार कर रही है। उन्हें निराश नहीं करना चाहिए। सहयोग की राह में पाकिस्तान जिस तरह से आगे बढ़ना चाहे भारत भी उसके लिए तैयार है।'' इसके सात ही उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कारोबार सहयोग के लिए हुए समझौते में शामिल होने की भी मंशा दिखाई।

आतंकवाद पर बोलीं सुषमा

सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवादियों ने क्षेत्र पर कब्जा करने का लगातार प्रयास किया है जो याद दिलाता है कि वे बदले नहीं हैं। सुषमा ने कहा, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सुनिश्चित करें कि आतंकवादी और अतिवादी ताकतें किसी भी नाम या स्वरूप में सुरक्षित पनाहगार हासिल नहीं करें।

अपने दो दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचीं सुषमा ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होने चाहिए और वह द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के रास्ते तलाशने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगी। उन्होंने कहा, मैं इस संदेश के साथ आई हूं कि दोनों देशों के बीच संबंध अच्छे होने चाहिए और आगे बढ़ने चाहिए। विदेश मंत्री का यह दौरा भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बीते रविवार को बैंकॉक में मुलाकात के बाद हो रहा है।

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Posted By: Sanjeev Tiwari