इस्लामाबाद। कई दिन तक कदम खींचे रहने के बाद पाकिस्तान सरकार गुरुवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत 21 लागों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने पर सहमत हो गई। लेकिन धार्मिक नेता ताहिर उल कादरी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों ने शरीफ के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। इससे सरकार बैकफुट पर दिख रही है।

21 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करना कादरी की एक मुख्य मांग थी। यह मामला 17 जून को हुई झड़पों में उनके 14 समर्थकों के मारे जाने से संबंधित है। लाहौर की सत्र अदालत ने लाहौर के मॉडल टाउन क्षेत्र में हुई इन झड़पों को लेकर पुलिस को 21 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। कादरी के नेतृत्व वाले पाकिस्तान अवामी तहरीक ने अपनी शिकायत में इन लोगों को नामित किया था। हालांकि पुलिस ने नवाज शरीफ, उनके भाई व पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और कुछ चोटी के कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने से इन्कार कर दिया था। संघीय मंत्री साद रफीक ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि कादरी की मांग के मुताबिक सभी 21 लोग एफआइआर का हिस्सा होंगे। इस बीच कादरी ने सरकार के साथ बातचीत खत्म करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा पद छोड़ने से इन्कार कर दिया गया है। बुधवार रात को पांचवें दौर की बातचीत विफल रहने के बाद कादरी और खान ने सरकारी वार्ताकारों से बातचीत खत्म कर दी है। खान ने कहा है कि वह और उनके समर्थक नवाज शरीफ के खिलाफ विरोध खत्म नहीं करेंगे और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर इस्लामाबाद में रैली जारी रखेंगे।

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