बर्लिन, रायटर : यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कॉमेट (धूमकेतु) का अध्ययन करने वाले रोसेटा अभियान को खत्म करने का फैसला किया है। रोसेटा यान धूमकेतु 67पी/चुरयूमोव-जेरासीमेंको के बारे में कई दिलचस्प सूचनाएं भेज चुका है। वैज्ञानिकों ने बताया कि 30 सितंबर को यान की क्रैश लैंडिंग कराई जाएगी।

रोसेटा पिछले 12 वर्षो में अब तक 6 अरब किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर चुका है। धूमकेतु के ऊपर से गुजरने के बजाय कॉमेट की कक्षा में चक्कर लगाने वाला रोसेटा पहला यान है। यह सूर्य की रोशनी से ऊर्जा प्राप्त कर रहा है।

धूमकेतु के सतह पर ही यान की क्रैश लैंडिंग कराई जाएगी। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस दौरान रोसेटा काफी नजदीक से धूमकेतु की तस्वीरें ले सकेगा। इससे गैस और धूल-कणों के निर्माण की प्रक्रिया और उनकी रासायनिक संरचना के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

इस यान की मदद से धूमकेतु की सतह पर नवंबर, 2014 में सौ किलोग्राम वजन वाले रोवर को उतारने में सफलता मिली थी। रीचार्ज नहीं होने के कारण यह नष्ट हो गया था।

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Posted By: Abhishek Pratap Singh

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