वॉशिंगटन,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के बीच लगातार विवाद जारी है। इसी बीच ट्रंप ने नोर्थ कोरिया को नई चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर उत्तर कोरिया ने अमेरिका या उसके किसी सहयोगी देश पर हमला करने के बारे में सोचा भी तो उसके साथ ऐसा होगा जो उसने ‘कभी सोचा भी नहीं होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को दिए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि संदेश उतना कड़ा नहीं था और अब यह वक्त अमेरिका के लोगों के लिए कदम उठाने का है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अगर उत्तर कोरिया, अमेरिका को धमकाता है तो उसे विध्वंस का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने कल न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर में गर्मियों की छुट्टियां बिताने वाले अपने घर में संवाददाताओं से कहा, ‘यह पहली बार है जब उन्होंने यह सुना है जैसा कि वे सुनते हैं। साफ तौर पर कहूं तो यह बयान उतना भी सख्त नहीं था।’

उन्होंने कहा कि वे लंबे समय, कई वर्षों से हमारे देश के साथ यह कर रहे हैं और अब वक्त आ गया है कि कोई व्यक्ति देश और अन्य देशों के लोगों के लिए खड़ा रहे। इसलिए बयान ज्यादा सख्त नहीं था।’ राष्ट्रपति मंगलवार को दिए गए बयान पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पारंपरिक विदेश नीति के विशेषज्ञों और डेमोक्रेटिक सांसदों ने उनके इस बयान की आलोचना की है।

ट्रंप ने कहा, ‘हमारी सेना से हमें 100 फीसदी समर्थन मिला है। हर किसी ने हमारा समर्थन किया हैय़ कई अन्य नेताओं ने हमारा समर्थन किया है। मैंने नोटिस किया कि कई सीनेटर और अन्य आज उसके पक्ष में आए गए है, जो भी मैंने कहा था। लेकिन शायद बयान उतना सख्त नहीं था।’ उन्होंने आगे कहा कि इस देश के लोगों को काफी सहज होना चाहिए और मैं आपको यह बता दूं कि अगर जिसे हम प्यार करते हैं या जिसका हम प्रतिनिधित्व करते हैं या हमारे सहयोगियों या हम पर हमला करने के बारे में सोचता भी है, तो वे भयभीत हो सकते हैं।’

उत्तर कोरिया को होना चाहिए भयभीत

ट्रंप ने कहा, ‘उन्हें काफी भयभीत होना चाहिए क्योंकि उनके साथ ऐसा होगा तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा।वह (किम जोंग-उन) लंबे समय से दुनिया को इस ओर धकेल रहे हैं। चीन और रूस ने जो किया उसका मैं बहुत सम्मान करता हूं और हमें शून्य के मुकाबले 15 वोट मिले।’ बहरहाल, राष्ट्रपति ने इसकी जानकारी नहीं दी कि कैसे अमेरिका, उत्तर कोरिया से पैदा होने वाले खतरे से निपटने की योजना बना रहा है।

पूर्व अमेरिकी प्रशासन ने नहीं लगाया लगााम

बृहस्पतिवार को ट्रंप ने कहा कि पूर्व अमेरिकी प्रशासन ने उत्तर कोरिया पर लगाम लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अब उसके खिलाफ सख्ती दिखाने का समय आ गया है। वहीं, पलटवार करते हुए उत्तर कोरिया ने अमेरिका के प्रशांत क्षेत्र के गुआम पर मिसाइल हमला करने की धमकी दी थी। दरअसल, गुआम में अमेरिका का सैन्य ठिकाना है, जहां से अमेरिकी बमवर्षक विमान पहले भी उड़ान भर चुके हैं।

ट्रंप प्रशासन में मतभेद नहीं

उत्तर कोरिया के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में कोई मतभिन्नता नहीं है। व्हाइट हाउस के साथ विदेश व रक्षा मंत्रालय की एक सोच है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा कि वास्तव में दुनिया एक स्वर में बात कर रही है और हमने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी देखा, जहां उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों का प्रस्ताव पारित हुआ।

ज्ञात हो कि ट्रंप ने एक दिन पूर्व उत्तर कोरिया को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि उसपर इतनी बमबारी होगी जिसे पहले दुनिया ने कभी देखी नहीं होगी। इसके बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भी कहा था कि उत्तर कोरिया विनाश को आमंत्रण न दे। वहीं गुआम में मौजूद अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि उत्तर कोरिया से कोई गंभीर खतरा नहीं है। अमेरिकियों को रात को अच्छी नींद सोनी चाहिए। टिलरसन ने भरोसा जताया कि रूस व चीन के साथ मिलकर बना वैश्विक दबाव प्योंगयांग के साथ नये संवाद के रास्ते खोलेगा। दूसरी ओर गुआम में जनजीवन सामान्य है।

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Posted By: Mohit Tanwar

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