काठमांडू (रायटर)। पर्वतारोही एक बार फिर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह के करीब हैं। वर्ष 2014 और 2015 में हिमस्खलन के चलते उन्हें बीच में अभियान छोड़ना पड़ा था।

पहला जत्था अग्रिम शिविर तक पहुंच गया है। 289 पर्वतारोही और उनके गाइड 8,850 मीटर की ऊंचाई वाले शिखर पर पहुंचने के प्रयास में हैं। 2013 में करीब 700 लोग शिखर पर पहुंचे थे। पर्यटन अधिकारी ज्ञानेंद्र श्रेष्ठ ने बताया कि पर्वतारोही 8 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिविर तक पहुंच गए हैं। वे शिखर पर पहुंचने के लिए गुरुवार से प्रयास शुरू करेंगे।

उल्लेखनीय है कि एवरेस्ट पहुंचने का नेपाल की तरफ का रास्ता पिछले दो साल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ था। 2014 में हुए हिमस्खलन के चलते 16 शेरपाओं की मौत हो गई थी। पिछले साल आए भीषण भूकंप के चलते बेस कैंप में 18 पर्वतारोहियों और गाइडों की जान गई थी। भूकंप से पूरे नेपाल में नौ हजार लोगों की मौत हुई थी।

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एवरेस्ट को नुकसान पहुंचाने वाले काली सूची में

चीन तिब्बत में माउंट एवरेस्ट समेत दूसरे ऐतिहासिक स्थानों की सूरत को बिगाड़ने या नुकसान पहुंचाने वाले पर्यटकों को काली सूची में डालेगा। यह जानकारी तिब्बत में टिंगरी काउंटी के पर्यटन ब्यूरो के उपप्रमुख चुनलेई ने दी है।

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