ब्राजीलिया, एएफपी : पहले से ही संकट में घिरे ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल तेमेर एक और संकट में फंस गए हैं। अगले हफ्ते अदालत उनके राष्ट्रपति पद के चुनाव की वैधता पर फैसला सुनाने वाली है। तेमेर के खिलाफ फैसला ब्राजील के लिए नया संकट खड़ा कर सकता है।

जानकारों का कहना है कि तेमेर इस समस्या से बच निकलने का रास्ता खोज लेंगे। लेकिन अदालत का इस तरह के मुद्दे पर विचार करना यह दिखाता है कि लातिन अमेरिका का ये सबसे बड़ा देश किस कदर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यहां भ्रष्टाचार के बड़े मामलों के साथ ही दो साल से मंदी का दौर चल रहा है।

चुनाव की वैधता जांचने का यह मामला 2014 का है। उस समय वामपंथी डिल्मा रोसेफ दोबारा राष्ट्रपति बनी थीं और तेमेर उन्हीं की पार्टी से जीतकर उप राष्ट्रपति बने थे। पिछले साल 31 अगस्त को डिल्मा रोसेफ को महाभियोग के जरिये पद से हटाए जाने के बाद उन्हें राष्ट्रपति बना दिया गया था। अगर अदालत उस चुनाव को अवैध ठहरा देती है तो तेमेर के लिए बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

सरकार के विरोध में हजारों लोग सड़क पर

ब्राजील में सरकार के नए आर्थिक सुधारों को लेकर विरोध तेज हो गया है। शनिवार को पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमों में बदलाव के खिलाफ देश के 26 राज्यों की राजधानियों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शनों का आयोजन विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों ने किया था। नए नियम में पेंशन के लिए कम से कम 25 साल सेवा में रहने का प्रावधान किया गया है। वहीं सेवानिवृत्ति के लाभ लेने के लिए न्यूनतम आयु 65 वर्ष की गई है।

यह भी पढ़ें: जेल में रो रहीं दक्षिण कोरिया की पूर्व राष्ट्रपति पार्क

यह भी पढ़ें: ब्राजील से आये दल ने जाना आयुर्वेद, योग एवं पंचकर्म

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस