रोम। इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिलवियो बलरुस्कोनी ने रिश्वत मामले में जेल में बंद फिनमेकानिका एसपीए के पूर्व मुखिया ग्यूसेप ओर्सी का बचाव करते हुए गुरुवार को कहा है कि रिश्वत दुनिया भर में कारोबार का अनिवार्य हिस्सा है। भारत व इटली के बीच वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले पर बर्लुस्कोनी के इस बयान से विवाद पैदा हो गया है।

तीन बार इटली के प्रधानमंत्री रहे बलरुस्कोनी ने एक टेलीविजन को दिए अपने साक्षात्कार के दौरान कहा, रिश्वत सच्चाई है जो मौजूद है और इस तरह की अनिवार्य हालात से इन्कार करने का कोई मतलब नहीं है। बलरुस्कोनी ने कहा कि यह कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि हम उस देश में किसी को कमीशन के भुगतान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि उस देश में इस तरह के नियम हैं।

भारत ने फरवरी 2010 में आगस्तावेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। यह हेलीकाप्टर भारतीय वायुसेना की विशेष कम्युनिकेशन स्क्वाड्रन के लिए हैं जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य अति विशिष्ठ लोगों की सेवा में इनका इस्तेमाल करती है।

इतालवी जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि इस सौदे में भारी रिश्वत दी गई। इससे यह सौदा विवादों में आ गया है। आरोप है कि इतालवी कंपनी ने 36 हजार करोड़ रुपयों के इस सौदे में 362 करोड़ रुपये रिश्वत के रुप में दिए। भारत सरकार सीबीआई से जांच कराने के आदेश दे चुकी है।

इतालवी संवाद समिति एएनएसए ने बलरुस्कोनी को यह कहते हुए उदृधत किया है कि इतालवी अभियोजकों द्वारा इतालवी कंपनियों द्वारा विदेश में किए गए सौदें की जांच आर्थिक आत्महत्या जैसा ही है।

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