गोगजाली (इराक), एपी। इराक के विशेष सैनिकों ने मोसुल की घेराबंदी कर ली है। इराकी सेना और मिलिशिया की घेराबंदी से आइएस प्रमुख अबू बकर अल-बगदादी के मोसुल में ही घिर जाने का अनुमान है। सेना ने शहर से बाहर पूर्वी हिस्से में मोर्चा संभाल लिया है। खराब मौसम के कारण देश के दूसरे बड़े शहर से आइएस लड़ाकों को खदेड़ने का अभियान फिलहाल थम गया है।

ब्रिगेडियर जनरल हैदर फाधिल ने कहा कि नमी बढ़ जाने और बादल घिरे होने से सेना आगे नहीं बढ़ रही है। दृश्यता न्यून हो जाने से लड़ाकू विमान और ड्रोन को हवाई हमले करने में कठिनाई हो रही है। मोसुल के पड़ोसी गोगजाली में बुधवार को तोपें खामोश रहीं। हालांकि आइएस के कुछ ठिकानों पर राइफल एवं अन्य हथियारों से गोलियां बरसाई गई।

एक दिन पहले इराकी सेना शहर में कदम रखने के लिए तैयार थी। दो वर्ष पहले शहर पर आइएस ने कब्जा कर लिया था। नागरिकों की जान बचाने के लिए सेना को युक्ति अपनानी होगी। शहर में अभी भी 10 लाख से ज्यादा नागरिक फंसे हुए हैं। आइएस आतंकवादी हजारों नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा बलों के साथ संबंध के संदेह में आतंकवादियों ने कई नागरिकों की हत्या कर दी है।

मोसुल से आइएस आतंकवादियों को खदेड़ने में कई सप्ताह लग सकते हैं। इराक में मोसुल को आइएस का बड़ा गढ़ माना जाता है। शहर से आतंकवादियों को खदेड़ना एक बड़ी उपलब्धि होगी और सीरिया तक फैले आइएस के लिए यह बड़ा झटका भी होगा।

इस बीच इराकी कुर्दिस्तान के चीफ ऑफ स्टाफ फौद हुसैन ने कहा कि बगदादी अभी जिंदा है और शहर में ही है। उन्होंने कहा कि बगदादी वहीं है। यदि वह मारा गया है तो इसका मतलब आइएस का ध्वस्त होना तय है। आइएस के नाजुक कमान ढांचे की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बगदादी का कोई विकल्प नहीं है।

Edited By: Manish Negi