बर्लिन (एएफपी)। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का रोसेटा स्पेसक्राफ्ट आज धूमकेतु पर क्रैैश लैंडिंग के साथ में खत्म हो जाएगा। इस यान को खासतौर पर धूमकेतु के अध्ययन के लिए ही बनाया गया था। ईएसए के मुताबिक रोसेटा ग्राउंड से दी गई कमांड के बाद करीब 14 किमी की फ्रीफाल के साथ धूमकेतु से टकराकर नष्ट हो जाएगा। ईएसए ने इस अभियान को खत्म करने का फैसला लिया है। रोसेटा यान धूमकेतु 67पी/चुरयूमोव-जेरासीमेंको के बारे में कई दिलचस्प सूचनाएं भेज चुका है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यान की आज क्रैश लैंडिंग कराई जाएगी।

रोसेटा पिछले 12 वर्षों में अब तक 6 अरब किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर चुका है। धूमकेतु के ऊपर से गुजरने के बजाय कॉमेट की कक्षा में चक्कर लगाने वाला रोसेटा पहला यान है। यह सूर्य की रोशनी से ऊर्जा प्राप्त कर रहा है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस दौरान रोसेटा काफी नजदीक से धूमकेतु की तस्वीरें ले सकेगा। इससे गैस और धूल-कणों के निर्माण की प्रक्रिया और उनकी रासायनिक संरचना के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

इस यान की मदद से धूमकेतु की सतह पर नवंबर, 2014 में सौ किलोग्राम वजन वाले रोवर को उतारने में सफलता मिली थी। रीचार्ज नहीं होने के कारण यह नष्ट हो गया था।

Posted By: Kamal Verma

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