बीजिंग। चीन के एक रणनीतिक विचारक ने कहा कि भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के 'निक्सन' बन सकते हैं। वह सीमा विवाद का समाधान करने में मदद कर सकते हैं।

एक वैचारिक लेख में प्रभावशाली ग्लोबल टाइम्स ने मोदी के 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहने का भी उल्लेख किया। इसमें कहा कि उनकी शासन शैली और दर्शन चीन की कार्यप्रणाली के बेहद करीब है। लियू जोंग्यी ने अपनी टिप्पणी में भारत-चीन सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों के बीच सबसे बड़ा रोड़ा माना है। शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के लियू का कहना है कि भारत-चीन सीमा मुद्दा तत्कालीन कांग्रेस के नेता जवाहरलाल नेहरू के शासनकाल में उत्पन्न हुआ। इसे लेकर मोदी और भाजपा पर कोई ऐतिहासिक बोझ नहीं है जो इस पेचीदे मुद्दे को सुलझाने में मदद कर सकता है।

वैचारिक लेख में उन्होंने लिखा कि मोदी ने जिस तरह से भारतीय राजनीति में सही उड़ान भरी है, उससे उनके भारत के 'निक्सन' बनने की अधिक संभावना है। वह आगे चलकर भारत-चीन संबंधों को प्रेरित करेंगे। लियू ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की चौकाने वाली जीत के लिए भाजपा के इस दिग्गज नेता को पूरा श्रेय देते हुए कहा कि यह मोदी की जीत है। उन्होंने इसके लिए मोदी की दृढ़ शासन शैली, साफ छवि, शानदार रिकार्ड के साथ साथ 'छोटी जाति' की पृष्ठभूमि जैसे कारण बताए। हालांकि उनकी जाति को लेकर कांग्रेस फर्क बताने की कोशिश करती रही। लेख में मोदी की आलोचना भी की गई है। कहा गया है कि वह दूसरे के विचारों और राय की कोई परवाह नहीं करते हैं। हालांकि राज्यसभा में भाजपा को बहुमत नहीं है, जिससे उनके 'स्वेच्छाचारी शासक' बनने पर अंकुश लगेगा।

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