सूखे के कारण न हो पलायन, गांव में दिलाएं रोजगार: उपायुक्त

जागरण संवाददाता, देवघर: विकास योजनाओं की समीक्षा जूम मीटिंग के माध्यम से हुई। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि अधिकारी विकास योजनाओं को प्राथमिकता के साथ करें। प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उत्पन्न सुखाड़ के कारण कोई भी किसान पलायन नहीं करें। किसानों को उनके पंचायत में ही उचित रोजगार उपलब्ध कराएं ताकि वे रोजगार से जुड़कर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान तरीके से चला पाएं। कहा कि प्रत्येक पंचायत में मनरेगा, पीएम आवास के तहत जो योजनाएं चल रही है उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। ग्रामीणों को रोजगार संबंधी कोई समस्या नहीं हो। गांवों में शत-प्रतिशत योजनाओं का संचालन सुनिश्चित कराएं। झारखंड राज्य फसल राहत योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अधिक संख्या में पात्र किसानों का निबंधन करा उक्त योजना से जोड़ें। प्रखंड स्तर पर अंचलाधिकारी योजना के नोडल हैं, वे यह सुनिश्चित करें कि योजना का उचित संचालन हो। अंचलाधिकारी, संबंधित अधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम से समन्वय स्थापित करते हुए लैंड डिटेल्स अपलोड कार्य में तेजी लाएं। प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक करने का निर्देश दिया। एमडीम की मानटीरिंग लगाताार प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी करें। हर महीने की पांच तारीख से पहले लाभुकों को उनके खाते में पेंशन की राशि भेजें। बैठक में उप विकास आयुक्त डा कुमार ताराचंद ने जिले में सुखाड़ की स्तिथि को देखते हुए कहा कि इस विकट परिस्थिति में राज्य सरकार व जिला प्रशासन किसानों के साथ है। सभी संवेदनशील होकर कार्य करें। मनरेगा, 15 वें वित्त योजना के तहत किसानों को रोजगार उपलब्ध कराएं। सुनिश्चित करें कि किसी भी किसान को पीडीएस राशन की दिक्कत न हो। इसके अलावा आंगनबाड़ी और मध्याह्न भोजन का उचित संचालन हो।

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